हिंदी पत्रकारिता ही हिंदी भाषा के आसितत्व को बचा सकती है

(एस.एस.डोगरा)आज यानि 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि आज ही के दिन 30 मई 1826 में ‘उदन्त मार्तण्ड’ के नाम से भारतवर्ष …

रमाबाई अम्बेडकर – डॉ.अम्बेडकर को महापुरुष बनाने वाली महानायिका !

पिछले महीने करोड़ों दलित समाज के भाईओं ने डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी का 129वां जन्म दिवस मनाया है, बाबा साहेब के नाम से लोकप्रिय, वह भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और महान …

हिंदी पत्रकारिता दिवस 30 मई को आपदा में मीडियाकर्मियों की चुनौतियों पर आरजेएस वेबीनार

दो महीने से ज्यादा समय तक कोरोना लाॅकडाउन ने समाज के सभी वर्गों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस बीच प.बंगाल और उडिशा में आए अम्फान के तूफान …

Let’s Celebrate Eid for brotherhood

ईद उल फ़ितर पर विशेष संपादकीय मीर का ईद के बारें में शेर पर गौर फरमाएँ ईद आई है बन के दुल्हन दोस्तों, खिल उठे हैं चमन-दर-चमन दोस्तों। मिल …

कलाकार कैलाश खेर ने डिजिटल लाइव ‌में गीतों से किया ‌सराबोर

www.DwarkaParichay.com Newsdesk करोना लाक्डाउन में परमात्मा ने ज़िंदगी की रवानी ऐसी बना दी कि जो बड़े बड़े दिमाग़दार थे उनको दिल की ओर मोड़ दिया, जो बाहर की दुनिया …

क्यों अपने ही घर प्रवास बने हैं हम ?

क्यों अपने ही घर प्रवास बने हैं हम ?चहुंओर कोरोना युक्त अंधेरा है,इसके बीच प्रकाश बने हैं हम।डर लगता है खुद को छूने से,अपनों से गले लगने के आस …

प्रवासियों को सम्मान से गांव जाने दें

दिल्ली (आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया) 5 करोड़ या 50 मिलियन से अधिक लोग गांवों में मेट्रो शहरों से अपने स्वयं के मूल स्थान पर प्रवास की प्रक्रिया में हैं।  विभिन्न …

विश्व पत्रकार महासंघ दिल्ली प्रदेश कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करेगा

www.DwarkaParichay.com Newsdesk कोरोना संकटकाल में लागू लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों,कामगारों, दिहाड़ी मजदूरों, दूकान के स्टाफ के साथ साथ वंचित वर्ग के लोगों की सेवा में लगे डॉक्टर्स, पुलिसकर्मी, मेडिकल स्टाफ, …

All India Poetry Congress successfully held online

गाँधी नगर गुजरात भारत के कविओं से गूंज उठा: दिनांक :17 मई 2020: (रिपोर्ट:अंशुल राजपूत )महात्मा गांधी साहित्य मंच गांधी नगर के अध्यक्ष श्री डॉ गुलाब चंद पटेल कवि …

आखिर कौन हो तुम….

नरेश सिंह नयाल(पी ई आई)आदर्श विद्यालयएन आई ई पी वी डी, देहरादून, उत्तराखंड कुछ दिनों से देख रहा थामन कुछ ख़यालों में खोया थाआँखें कई बार रोई हैंआत्मा ने …