शाहदत में नैगेटिव किरदार है: अशफाक खान

शाहदत में नैगेटिव किरदार है: अशफाक खान

प्रेमबाबू शर्मा

 काली, तेरे लिए, बंदिनी, माता की चौकी, बाबा ऐसा वर ढूढो और जिंदगी लव यू जैसे अनेक धारावाहिकों में विविधतापूर्ण किरदारों को निभाने वाले अभिनेता अश्फाक खान की इस सप्ताह फिल्म शाहदत रीलिज हो रही है। फिल्म अशफाक नैगेटिव किरदार को निभा रहे है। उन्होंने हाल में हुई मुलाकात में बताया कि ‘शाहदत’ फिल्म में उनका किरदार पूरी तरह से नैगेटिव एक दबंग इंसान का है। जिसका मकसद गांव में आंतक फैलाकर अपना उल्लू सीधा करना है। फिल्म का निर्देशक आर.के.खान ने किया।
बुलंदशहर से जुडे अश्फाक जमीन से जुडे कलाकार है और अब एक लंबे समय के बाद में अश्फाक सुर्खियों मे आये है इसकी खास वजह ? प्रश्न के जबाव में उनका कहना था कि वे वजह सुर्खियां क्यों ? जब बाजार में आपका काम नजर आयेगा तो आप स्वयं ही सुर्खियां में आ जाओगें । अश्फाक के खाते में एक फिल्म गड़बड़ घोटाला है’ इस फिल्म में वे हास्य किरदार को निभा रहे है । उनका कहना है कि मैं अलग दिखने और अलग तरह का अभिनय करने का प्रयास कर रहा हूँ  यह एक चुनौती है साथ ही रोचक भी। इस फिल्म के अलावा और क्या चल रहा है? हाल ही में एक शॉर्ट फिल्म ‘कडवा सच’ की है और दो सीरीयल्स। फिल्हाल तो फिल्म शाहदत और फिल्म में मेरे किरदार पर दर्शको की प्रतिक्रिया क्या होगी के बारे में सोच रहा हूँ ।

अपने अब तक के सफर से खुश है: गायक जैवी

अजय शर्मा

शौकीन कुडियां, नी वालिया, पंजाबी मूंडे जैसी अनेक अलबम की सफलता के बाद गायक जैवी अपनी नई अलबम हॉट बीट में व्यस्त है। बातचीत के दौरान बताया कि उस्ताद नुसरत फतेह अली की गायकी से प्रभावित होकर ही वे गायकी में आये थे। उनकी जल्द रीलिज अलबम को हॉट बीट को म्युजिक कंपनी एमी ग्रुप रीलिज कर रही है।
आजकल गीतों के प्रमोशन के लिए उनके विडियों तैयार किये जाते है हॉट वीट के दो गीतों के विडियों पर काम चल रहा है। आखिर अलबम में क्या खास है ? जैवी ने बताया कि ‘ हॉट बीट अलबम 8 बहुरंगीय गीतों का संग्रह है, या यूं कहे कि इसमें हर मूड के गीत है। संगीतकार लोली, जानी सिंह और जीती ने कमाल की कंपोजिग की है तो निर्देशक अमृतसिंह ने भी दमदार विडियों तैयार किया है।
पंजाब के कपूरथला में जन्में जैवी सिंह ने गायकी की विधिवत् शिक्षा ली है, पटियाला घराने के उस्ताद सुखदेव साहिल से। जैवी देश और विदेश में अपनी गायकी का रंग बिखरने के बाद आज भी हंसराज हंस की शैली को अपनाते है। इसकी वजह जो भी रही हो , लेकिन वे एक साफ कहते है कि ‘बदलते समय के अनुसार ही इंसान को भी उसी के अनुरूप ढाल लेना चाहिए।‘ अतीत की एक घटना को याद करते हुए जैवी कहते है कि ‘ गायकी के शुरूआती दौर में एक बार मुझे पंजाब एंड सिंध बैक द्वारा आयोजित प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में गाने का अवसर मिला। लेकिन जब अंत तक मुझे मंच पर नहीं बुलाया गया तो मै मयूस हो गया खैर, एक नेक आदमी ने मेरा हौसला बढाते हुए मंच पर मौका दिलाया और जब मैंने मंच पर गीत ‘ जुगनी गई सी’ गाया तो पूरा ही प्रागंण तालियों से गूंज उठा। मजेदार बात यह रही की उस प्रतियोगिता में मैं दुसरे स्थान पर रहा।’ अपने अब तक के सफर से जैवी सिंह खुश हैं। भविष्य की योजनाओं की चर्चा चलते ही जैवी कहते है कि ‘मैं फिलहाल तो पंजाबी फिल्मों व बॉलीवुड की कुछ फिल्मों में गाने के प्रस्ताव आये है। बाकी तो समय ही बतायेगा किया क्या जाए।

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