कन्या भ्रूणहत्या के खिलाफ जागरूकता

प्रेमबाबू शर्मा

बाहरी दिल्ली स्थित शकूरपुर जेजे कालोनी में लोगों को कन्या भ्रूणहत्या के खिलाफं जागरुक करने के मकसद से  एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक संस्था जनजागृति वेलफेयर सोसायटी सिरसपुर और एनएसयूआई नेता दीपिका देसवाल ने मिलकर किया।इस मौके फैशन डिजाइनर संजना जॉन, गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान अनिल खत्री, पदमश्री डा. मौसिम अली, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव विजेंद्र जिंदल, संस्था के उपाध्यक्ष नरेश देसवाल, पास्टर इमैनुअल, सुशांत मिश्रा, परवीन रज्जी, सुषमा ढींगरा, जेबी जैन, प्रेम, पंजाब से कांग्रेस नेता परविंदर कौर समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। इस मौके पर एक जागरुकता रैली का आयोजन भी हुआ, जिसमें लड़कियों की घटती तादाद पर चिंता जताते हुए कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संदेश दिया गया। अगर बेटी को कोख में ही मार डालोगे, तो बेटे के लिए बहू कहां से लाओगे। कार्यक्रम में जर्नलिस्ट टुडे नेटवर्क और राजधानी संदेश समाचार पत्र ने मीडिया पार्टनर की भूमिका अदा की। 
दीपिका देसवाल और संजना जॉन इस मौके पर कहा कि भारत वर्ष को हमेशा महिलाओ की पूजा के लिए जाना जाता है। नारी को जननी कहा जाता है। उसी नारी को कमजोर करने की जो साजिश कन्या भ्रूण हत्या के रुप की जा रही है। उसे रोकने के लिए जागरुकता की जरुरत है। पीएनडीटी एक्ट 1994 का हवाला देते हुए भी बताया कि भ्रूण जांच के लिए अल्ट्रासाउंड अथवा कोई भी तरीका अपनाने वालो को तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना और दूसरी बार दोषी पाए जाने पर पांच साल की सजा और 50 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना होने का प्रावधान है। साथ ही उस मेडिकल अथोर्टी का लाइसेंस तक रद्द किए जाने का प्रावधान है। इसके लिए लिंगानुपात में महिलाओं की संख्या बढाए जाने की जरुरत है। सरकार ने महिलाओं के लिए शिक्षा से लेकर रोजगार तक के लिए कई सुविधाएं दी है, जिनमें सबला, लाडली और ऐसी ही कई योजनाएं चल रही हैं। जिसका फायदा भी महिलाओं को उठाना चाहिए। अंत में सभी ने कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया। सोसायटी के अध्यक्ष नरेशपाल राणा ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार जताया।

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