फिलहाल मैं टीवी के काम से ही खुश हूँ : हरकमल

हरकमल –  अयाज अहमद 

प्रेमबाबू शर्मा


छरहरा बदन, तीखे नैन नक्श, मुस्काराता चेहरा वाली टीवी स्टार हरकमल अपने नये धारावाहिक आई लव माई इंडिया में पम्मी के किरदार को निभा कर खुश है। और हो भी क्यों ना लंबे एक लंबे समय के बाद में उनको उनकी मनपंसद की भूमिका जो मिली है।

हरकमल कहती है कि ‘अभिनय के प्रति रूझान तो बचपन से ही था, और टीवी पर मैंने अब तक जो काम किया मैं उससे सतुष्ट नही थी। बस चाह थी अपने मनपंसद किरदार की।सो अब मिल गया और मुझे लगता है कि दर्शको को मेरा काम पंसद आयेगा। 

पंजाब के मोंगा में पली बसी हरकमल को आखिर इस किरदार में खास लगा कि उन्होंने तुरंत स्वीकार लिया ?मुस्काराते हुए वे कहती है ‘धारावाहिक में प्रेम की होने वाली पत्नी हूँ , जो खूबसूरत है, जोशीली और संस्कारी लडकी है। जिसे अपने मूल्यो और अंखडता से प्यार है। चूंकि वह इंडियन है इसलिए उसे यह कतही पंसद नही है कि कोई भी उसके मुल्क व हमारे संस्कृति पर किसी का अरोप लगाऐं। कुल मिलाकर यह अपने आप में एक चैलेंजिग किरदार है जिसे निभाने हुए सुकून मिल रहा है।

छोटे परदे का सफर जारी रखते हुए क्या हरकमल ने फिल्मों में काम करने के बारे में भी सोचा है? प्रश्न के जबाब में उतर था फिलहाल नही क्यों अभी तो मैं टीवी पर ही काम करके खुश हूँ ।
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पारिवारिक कॉमेडी शो आई लव माई इंडिया
सब-टीवी बीस फरवरी से एक नए कॉमेडी शो ‘आई लव माई इंडिया’ का प्रसारण करने जा रहा है। यह एक पारिवारिक कॉमेडी शो है। इसमें दिखाया गया है कि जब पश्चिम (लंदन) का पूर्व (भारत) से मिलन होता है, तब क्या हालात घटते हैं। यह कहानी है एनआरआई परिवार प्रेमनाथ (अरुण बाली) और दीप (हिमानी शिवपुरी) सेठी की, जो अपने देश संस्कृति से बेहद गहरे जुडे हैं और चाहते हैं कि उनके बच्चे और पोते-पोतियाँ भारतीय संस्कृति, मूल्यों और परंपरा के अनुरूप चलें! कई सालों तक लंदन में रहने के बावजूद वे भारत लौटने को बेताब हैं। उनके भारत लौटने पर क्या होता है, शो में अरुण बाली, हिमानी शिवपुरी के अलावा इमरान खान, इंद्रेश मलिक, अयाज अहमद इत्यादि जैसे कलाकार हैं।


सब-टीवी के अधिकारी अनुज कपूर शो के बारे में कहते हैं कि कई ऐसी चीजें हैं, जो हमें भारतीय बनाती हैं। इस शो का उद्देश्य उन विशिष्ट मूल्यों, परंपराओं और संस्कृतियों को हल्के -फुल्के अंदाज में पेश करना है, क्योंकि यही हममें भारतीय होने का जज्बा जगाती हैं। निर्देशक टोनीसिंह ने कहा- मुझे लगता है कि यदि हम गौर करें तो हममें से कई लोग ऐसे होंगे, जिनके रिश्तेदार या दोस्त विदेशों में रह रहे होंगे! लेकिन जब वे भारत लौटेंगे तो उन्हें यहाँ खुद को परिस्थिति के अनुरूप खुद को ढालना होगा! ये परिस्थितियाँ हमारा मनोरंजन करती हैं और हम इसे याद करके हमेशा खुश होते हैं। यह शो मनोरंजक तरीके से हमें हमारे सांस्कृतिक मूल्यों की याद दिलाने का प्रयास है।

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