भावना दिन रात मेरी सब सुखी संसार हो। 12-12-2012

एस सी जैन 

परिवर्तन प्रकृति का अटल नियम है। इस अटल नियम के अनुसार फ़रवरी 11- 2012 से युनिवर्सल साईकल से युग प्रारंभ हुआ । यह युग अंर्तमन चेतना शिखर पर पहुचने का युग है। इस युग में unlimited ability of Conscious Co-Creation जागृत होती है । इस समय में सभी क्षेत्र अपनी उच्चतम उच्चाई को प्राप्त करते हैं। इस unlimited ability of Conscious Co-Creation प्रभाव संसार में सर्व़त्र देखा जा सकता है। इस का सबसे बडा उदाहरण यह है कि भ्रष्टाचार नेताओं ने लाखों करोडो का धन चोरी कर विदेशों में जमा कर चुके हैं। वहीं आम आदमी भरपेट भोजन के लिए परेशान है। जबकि प्राकृतिक नियमों के अनुसार प्रत्येक जीव का समान अघिकार है। इसलिए प्रकृति का वर्तमान समय में जीव मात्र को समान अधिकार प्रदान करने हेतु काल चक्र के माध्यम सव युग परिवर्तन प्रलय शीघ्र ही लाना निश्चित है ।

प्रलय प्रकृति की शुभ मंगल मय मोक्ष सुख प्रदायनी बेला है। इस पावन बेला पर पथ्वी पर एक नया सूर्य का एक नया दिन प्रारंभ होगा ।यह परम सुख दायक का प्रथम चरण दिनांक दिस्मबर 12 -2012 को प्रारंभ हो रहा है। दिनांक दिस्मबर 12- 2012 को अंतरिक्ष से दिव्य उर्जा का संचार होगा। जिससे सभी जागरूक प्राणियों के मन मस्तिष्क शरीर के सातों चक्रों में नव उर्जा का संचार करेगी यह उर्जा दिनांक दिस्मबर 12 -2012 प्रात 1 मिनट से 6 बजे तक तथा 12 बजे से 3 बजे सांय पर उपलब्घ रहेगी। यह समय घ्यान मंत्र साघना का समय
है।

आपको यह जानकर प्रस्न्नता होगी कि जैन समाज कुछ जागरुक लोग श्री सम्मेद शिखर भगवान वासुपुज्य टोंक पर दिनांक 12.-12.-2012 को 12 बजकर 12 मिनट 12 सैकंड पर अर्घ सर्मपण कर अपना जीवन सफल बना रहे हैं। 12-.12.-2012 को 12 बजकर 12 मिनट 12 सैकंड का एक विशेष महत्व है । इसका उल्लेख 12.12.2012 A Messsage from Pleadian Ambassador christen day से मिलता है ।

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