पति से मिलन की आस में रानो की कहानी गुरबानी

प्रेमबाबू शर्मा


18 मार्च सोमवार से शुक्रवार रात 10.30 बजे कलर्स पर प्रसारित होने वाले शो नये शो ‘गुरबानी’ की कहानी सत्य घटनाओं से प्रेरित है। यह कहानी है पंजाब के एक छोटे गांव में रहने वाली ‘रानो’ की जो हर दिन तैयार होकर स्टेशन पर अपने एनआरआई पति का इंतजार करती है, ट्रेन के पीछे भागती है। 
बीस साल से हर रोज रानो अपने एनआरआई पति के लौटने का इंतजार कर रही है, न जाने कब उसका यह इंतजार खत्म होगा।यह है कलर्स पर 18 मार्च से शुरू हो रहे गुरबानी की कहानी। ‘गुरबानी’ द्वारा कलर्स एक महत्वपूर्ण विषय पर सभी का ध्यान खींचने की कोशिश करेगा। यह शो पंजाब की उन हजारों ‘रानो’ की कहानियों को उजागर करता है, जो कई सालों से अपने उन एनआरआई पतियों का कभी न खत्म होने वाला इंतजार कर रही हैं जो उन्हें खूबसूरत जिंदगी के सपने दिखाकर कहीं गुम हो गए। 

शो के बारे में कलर्स के प्रशांत भट्ट का कहना कि ‘गुरबानी’ की कहानी को एक साल की अवधि में काफी रिसर्च के बाद तैयार किया गया है। यह हमारे लिए एक ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। 

अपने इस शो के माध्यम से हम उन हजारों महिलाओं से संबंधित एक सशक्त विषय पर ध्यान खींचकर प्रभावशाली संदेश देने के साथ ही उन सभी माता-पिता को सावधान करना चाहते हैं जो अपनी बेटियों के लिए एनआरआई लड़के की तलाश में हैं। ‘गुरबानी’ में नवनी परिहार, सूरज थापर और रीता भादुड़ी ने अहम किरदार निभाए हैं।

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