मस्ती की छुट्टियाँ

मधुरिता 

उत्साह व उमंग से भरपूर छुट्टियों का इंतजार समाप्त हुआ और वो आ गई बच्चों को टेंशन फ्री समय बिताने के लिए.

पहले तो बच्चों अपने आत्म विश्वास को मजबूत करने का प्रयत्न करो. इसी की कमी से हर क्षेत्र में मात खानी पड़ती है, साथ ही बुरे संगती मैं पड़ने का खतरा बढ़ जाता है और अपना विश्वास खो बैठतें हैं. यहीं से गड़बड़ी शुरू होते होते पूरे जीवन पर असर डालती है.

अभी आपका प्रमुख कर्तव्य पढ़ाई करना है. ईमानदारी से इसे कितना निभाते हो ये आपकी मर्जी पर है.

* बच्चे कहना नहीं मानते हैं. छुट्टियों में समझा सकते हैं , घुमाने भी ले जाएँ. बहूत कुछ नया सीखने को मिलता है. दादा दादी व सभी बड़ों का सम्मान करना सीखाएं.

* बच्चे मशीन की तरह कंप्यूटर पर विडिओ गेम खेलते हैं. उन्हें थोडा अंकुश लगा कर मित्रों के साथ खेल कूद करने बाहर भेजें.

* माता पिता बच्चों से घर का भी कुछ काम करा सकते हैं. इससे उनका मन भी लगा रहेगा और अपने हाथों से अपना काम करने का ज्ञान भी होगा.

* दोनों काम यानी पढाई और मस्ती भी बराबर बराबर करना. जिससे स्कूल खुले पर पढाई का बोझ ज्यादा ना लगे.

* अपनी सोच में सुधार लाने की कोशिश करें , नयी किताबें पढ़ें . हर दिन कुछ नया और अच्छा काम करने की सोचें.

* आम खाकर थोडा हेल्थ भी बना लें. जो साल भर एनर्जी देगा. यानी की आम के आम और गुठली के दाम.

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