आल इंडिया टैªन कट्रोलर्स ऐसासिएशन का दो दिवसीय सेमीनार

प्रेमबाबू शर्मा 

आल इंडिया टैªन कट्रोलर्स ऐसासिएशन का दो दिवसीय सेमीनार हिन्दी भवन में हुआ। इस सेमीनार में मुख्य रूप से ट्रैन कट्रोलर्स से जुडी विभिन्न वेतन विसंगतियां एवम् नौकरी के दौरान होने वाली परेशानियां, अन्य मांगों में एसोसिएशन को मान्यता देना तथा कट्रोलर्स की प्रतिष्ठित संस्थानों में मैनेजमेंट ट्रैनिंग देना, के अलावा नई कार्यकारिणी के गठन का नया संविधान भी स्वीकृत किया गया। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश सिंह,महासचिव अनिल भर्दा, संयुक्त  संचिव के रमेश,सहमहासचि सुशील कुमार शैली ने अपने विचार व्यक्त किये।सेमीनार में देश के देश के 68 मंडलों एवम् 16 जोनल मुख्यालय से जुडे करीबन 300, कट्रोलस मौजूद थे। 
एसोसिएशन के महासचिव अनिल भर्दा ने कहा कि‘एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने  पूर्व में अनेकों बार अपनी मांगों का ज्ञापन विभिन्न स्तरों पर रेलमंत्री ,प्रधानमंत्री तक पहुंचाया किन्तु आजतक इसका निदान नही हुआ। अब हमें अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए सख्त कदम उठाना पडेगा। सहमहासचिव सुशील कुमार शैली ने बताया कि ‘भारतीय रेलवे कट्रोलर्स कुल 2672 भारतीय रेल कर्मचारियो का मा़त्र 0.002 प्रतिशत नगण्य संख्या में होते हुए भी उनपर रोजाना औसतन 23 मिलियन यात्रियों एवम 2.80 मिलयन टन माल यातायात को प्रतिदिन कारीबन 21000 हजार यात्री एवम माल गाडियो के माध्यम से संरक्षित एवम समयबद्व परिचालन द्वारा पहुचाने की जिम्मेदारी होते हुए भी उन्हे वेतन के 30 प्रतिशत स्टैªस एलाउस से वंचित रख गया कट्रोलर्स ने किसी भी दुर्घटना की स्थिति में उसके प्रबंधन का पूरा जिम्मा संभल लेते है। फिर भी उन्हें अधिकारियों एवम फील्ड स्टाफ की भाति वेतन का 10 प्रतिशत ब्रेक डाउन एलाउस नही दिया जाता। वह लाइन स्टाफ एवम मैनेजर प्लानिंग के साथ लगातार माइक पर सीधे 6 से 8 घंटे लगातार बोलते है जिससे उनकी काफी उर्जा संमाप्त होने के साथ साथ तनावपूर्ण माहौल के चलते 40 – 50 से ज्यादा लोग विभन्न गभीर बीमारियों जैसे हाई ब्लडप्रेशर हदय रेग किडनी रोग लीवर समस्या डायविटीज, हाइपरटेशन, अनिद्रा सर्वाइकल, स्पान्डलाइरिस सुनने व दृष्टि पर पड रही गंभीर क्षति के प्रतिपूति के रूप में वेतन क 10 प्रतिशत माइक एलाउन्स के साथ लीव रिजर्व प्रतिरात बढाकर न्यूतम 30 प्रतिशत होना चाहिए।


उन्होंने मांग  रखी है कि दिनो दिन बढते कार्यबोझ एवम 1969 के मियांभाई ट्रिब्यूनल रिपार्ट में के उपयुक्त पाये जाने के बावजूद बोर्ड कट्रोलर्स सहित शिफ्ट चीफ कट्रोल आदि अधिकतम डयूटी सीमा 6 घंटे से ज्यादा नही होनी चाहिए। 4 घंटे के सुपर इन्टेसिव रोस्टर सहित कार्यक्षेत्र का विस्तार अधिकतम 100 से 150 किलोमीटर के दायरे में होने के साथ साथ उन्हे भी बेहतर वेतन भत्तों के लिए एयर ट्रैफिक कट्रोलर्स की भांति सुविधाएं दी जाएं। क्योंकि वेतन भत्तों  में लगातार हो रही गिरावट के चलते अधिकांश लोग कैडर से नौकरी छोडकर भागना चाहते है और कोई नया कर्मचारी इस कैडर में ज्वांइन नही करना चाहता है, क्योकि तनावपूर्ण माहौल में लगातार बढते कार्य के चलते रिटायरमेंट के बाद वह 4 से 6 साल ही औसतन जीवन जीते हैं।

एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश सिंह ने की मांग है कि एक्शन कट्रोलर्स का न्यूतन ग्रेड 9300- 3480 के पेबैंड में 4800 पे के साथ नॉनगजरेड 10 प्रतिशत डिप्टी चीफ कट्रोलर्स का 15600 3910 के पे बैड में 5400‘ ग्रेड पे के साथ गजरेड 30 प्रतिशत तथा मुख्य नियंत्रक इंचार्ज का न्यूतम ग्रेड पे इसी पे इसी 15600-3910 के पेबैन्ड में 6600 क साथ गजटेड 60 प्रतिशत हो तथा मुख्य नियंत्रक इंचार्ज का ग्रेड क्लास टू के किसी भी ग्रेड से सर्वोच्च  होना चाहिए। कट्रोलर्स का कार्यबोझ 1950-51 से अब तक कई गुणा बढा है।

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