हमारी सरकार ने दिल्ली में गरीबों को दी अपार सुविधाएं —- श्रीमती दीक्षित

दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने कहा कि दिल्ली में गरीबों को देश में सबसे ज्यादा सुविधाएं दी गई हैं। हमारी सरकार ने इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया। गरीब लोगों की पुनर्वास कालोनियों में मालिकाना हक दिए गए जिससे 15 लाख लोगों को राहत मिली। लगभग 1200 अनधिकृत कालोनियों में विकास कार्य शुरू किए गए और 1,000 के करीब कालोनियों को नियमित किया गया। इन कालोनियों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को तोड़-फोड़ के भय से मुक्त कराया गया। 20 सूत्री कार्यक्रम की कालोनियों में रहने वाले गरीबों को भी राहत दी गई। गरीब किसानों के लिए दिल्ली भूमि अधिनियम की धारा 81 समाप्त की गई और लालडोरा को बढ़ाया गया। श्रीमती दीक्षित ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना से 73 लाख गरीब लोगों को बेहद सस्ती दर पर अनाज मिलेगा। दिल्ली अन्नश्री योजना में भी 1.25 लाख लोगों को पोषक आहार के लिए पूरक सहायता दी जा रही है। गरीब बुजुर्गों को पेंशन 1500 रुपए महीने तक मिलती है, विकलांगों और विधवाओं को भी देश में सबसे ज्यादा पेंशन मिलती है, मजदूरों को 30 रुपए प्रतिवर्ष के प्रीमियम पर 30,000 रुपए तक की उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं, गरीबों के बच्चों को पब्लिक स्कूलों में दाखिला दिया जाता है जिसका खर्च दिल्ली सरकार उठा रही है। बड़े प्राइवेट अस्पतालों में गरीबों के लिए बिस्तर आरक्षित किए गए हैं। अनुसूचित जाति के बच्चों के लिए बिल्कुल मुफ्त रिहायशी स्कूल खोला गया है और अनुसूचित जाति के लोगों को अपना व्यवसाय चलाने के लिए कर्ज दिया जाता है। हमारी सरकार कल्याणकारी सरकार है। श्रीमती दीक्षित ने ये विचार पश्चिम विहार में ज्वालाहेड़ी में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने शिवराम पार्क में स्कूल और निहाल विहार में माडल स्कूल के शुभारम्भ की घोषणा की और तीन करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पुल की स्वीकृति का ऐलान किया। श्रीमती दीक्षित ने महिलाओं के स्वःसहायता समूहों को कम ब्याज पर 50,000-50,000 रुपए की ऋण भी दिए। यह ऋण दिल्ली राज्य सहकारी बैंक द्वारा दिया गया। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के मंत्री श्री राज कुमार चैहान, विधायक डा. बिजेन्द्र सिंह, पार्षद श्री पृथ्वी सिंह राठौर और चैधरी सुखबीर सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।

श्रीमती दीक्षित ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं को सशक्त करने में जेण्डर रिर्सोस सेन्टर की बड़ी भूमिका रही है। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा और अन्नश्री योजना से भी महिलाओं का गौरव बढ़ेगा। महिलाओं के हित के लिए दिल्ली को केरोसिन मुक्त बनाया गया है। श्रीमती दीक्षित ने कहा कि दिल्ली में विकास दिखता है और इसे महसूस किया जा सकता है।24 घण्टे की बिजली मिलने से उद्योग और व्यापार जगत फूला-फला है और दिल्ली में खुशहाली आई है। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे अधिक है।

इस अवसर पर दिल्ली सरकार के मंत्री श्री राज कुमार चैहान ने कहा कि हमारी सरकार संवेदनशील है और पिछले 15 वर्ष से समय-समय पर जरूरतमंदों की मदद कर रही है। जब कभी लोग सीजनल मंहगाई महसूस करती है तो सरकार आवश्यक वस्तुएं बेचने के लिए 700-800 केन्द्र खोलती है और स्थिति पर काबू लाती है। श्रीमती दीक्षित ने बिजली की दरें बढ़ने पर 400 यूनिट तक की खपत पर रियायत दी। 201 से 400 यूनिट की खपत वाले उपभोक्ताओं की दरें पहले से भी कम हो गईं क्योंकि दिल्ली सरकार ने सब्सिडी बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि हमारी मुख्यमंत्री हर समय जनता के दुख-दर्द को सुनती है जबकि एक राज्य के मुख्यमंत्री इस वक्त हवा में सवार हैं और उन्हें बाढ़ में डूबे अपने राज्य में जाने की न तो फुरसत है और न ही चिंता। श्री चैहान ने कहा कि आउटर रिंग रोड को सिग्नल फ्री बनाया जा रहा है और गांवों की सड़कों को नया रूप दिया गया है।

डाॅ. बिजेन्द्र सिंह ने कहा कि श्रीमती दीक्षित की सरकार ने देहात के लिए बहुत बड़े काम किए हैं। अब तक किसी और मुख्यमंत्री ने देहात के लिए सोचा भी नहीं था। उन्होंने कहा कि वे शिक्षकों की सबसे बड़ी हमदर्द हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है। दिल्ली मेट्रो और शानदार बसें इस बात का उदाहरण हैं कि दिल्ली में अब आरामदायक यात्रा की जा सकती है। डाॅ. सिंह ने कहा कि देश में इस समय फूट और नफरत फैलाने वाले नेता गरज रहे हैं। ये बरसने वाले बादल नहीं है। देश में घूम रहे कथित शेर का गुब्बारा जल्द फूट जाएगा और दिल्ली का शासन श्रीमती दीक्षित के हाथों में अगले पांच साल भी सुरक्षित रहेगा। अगले पांच साल भी दिल्ली में तेजी से विकास होगा और जनता की सुविधाएं बढ़ेगी।

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