Is every one Fair ?


रविन्द्र सिंह डोगरा 


लीजिये भाइयों आम आदमी पार्टी के आवाहन पर भारत में बहुत से लोग ,लोकसभा चुनावो के लिए आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ गए हैं , और कुछ अन्य पार्टियों के लोग भी अपनीपार्टी छोड़ कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं ! पर क्या ये सब भ्रष्टाचार के विरूद्ध या भ्रष्टाचार को भारत से ख़तम करने के लिए आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं ? ये ज़रा सोचनेका विषय है भारत के मतदाताओं और जनता के लिए ! क्योंकि पार्टी आम है लेकिन अभी तक सुर्ख़ियों के हिसाब से जुड़ने वाले लोग आम कम ख़ास या बहुत ख़ास ( I .A .S / I .P .S , बड़े अधिकारी रिटायर्ड , कांग्रेस , बी .जे .पी के बड़े और संम्पन नेता या कार्यकर्त्ता , वयवसायी तथा अन्य उच्च वर्ग ) जादा हैं . क्योंकि ये सब लोग साधन सम्पन हैं औरइन सब को पता है कि जीत गए तो ठीक वरना पैंशन , व्यवसाय , निजी संपत्ति बैंक बैलेंस वगैरा तो है ही ,जीवन यापन करने के लिए ! यदि हार भी गए और कुछ न मिला तो क्याफर्क पड़ता है ? 
अब यहाँ आम आदमी पार्टी को ये तय करना बहुत ज़रूरी है कि वो अपना प्रतिनिधि किस को चुने ! यदि ऊपर लिखे लोगो को चुनती और टिकट देती है, तो स्पष्ट है,कि आम आदमी का सिर्फ ” नारा “है तरज़ीह तो ख़ास को ही दी जा रही है ? यहाँ एक बात आप सब को बता दूँ के दूसरी पार्टियों के जो बड़े लोग आम आदमी पार्टी से जा मिले हैं वोइस लिए कि उनको पता है के अपनी पार्टी से उनको टिकट नहीं मिलेगा क्योंकि अगर ऐसा नहीं है तो 10 – 10 , 20 – 20 साल अपनी पार्टियों में रह कर और ऊँचे पदों का लाभ लेकर जो महल , वयवसाय , N . G . O उन्होंने खड़े किये और खूब पैसा कमाया था ,तब उनको भ्रष्टाचार नज़र नहीं आया ..? आज ही क्यों उन सभी को एका-एक उनकी पार्टियाऔर दूसरे लोग जिन के साथ उन्होंने वर्षों काम किया भ्रष्टाचारी नज़र आने लगे ? क्या वो सभी I .A .S / I .P .S , बड़े अधिकारी रिटायर्ड पाक साफ़ हैं, या उन्होंने कभी रिश्वतनहीं ली ? कोई गलत काम नहीं किया ? कभी आम आदमी को परेशान नहीं किया ? ये सब बातो का ध्यान आम आदमी पार्टी को रखना है ! यदि अपनी टिकटों में आम आदमी पार्टी80 % आम लोगों या जनता जिनको अपने क्षेत्र से चाहती है और लोग साथ दे रहे हैं को अपना उमीदवार बनती है और 20 % व्य्वसायियो , I .A .S / I .P .S , बड़े अधिकारीरिटायर्ड , कांग्रेस , बी .जे .पी के बड़े और संम्पन नेता या कार्यकर्त्ता जो बिलकुल सही हैं , को टिकट देती है ,तो ये वाकेई आम आदमी पार्टी होगी और जनता का समर्थन दिलो ज़ान सेमिलेगा ! मेरा ये बिलकुल भी कहना नहीं के सभी रिटायर्ड अधिकारी भ्रष्ट हैं लेकिन ये भी सच है के अधिकतर भ्रष्ट ही थे ! मैं अरविन्द केजरीवाल जी और उनकी टीम को बधाई देताहूँ कि उन्होंने शपथ पत्र उम्मीदवारो से लिया है परन्तु यह उमीदवारो कि सच्चाई या साफगोई का पैमाना भी नहीं है ? निष्पक्षता और समानता और सामान अधिकार देने केलिए अन्य तरीको जैसे उमीदवार का सामाजिक , राजनैतिक अनुभव , कार्य करने का तरीका , जज़बा , क्षेत्रिये लोगों से पहचान आदि पर भी ध्यान होना चाहिए न किसिर्फ उच्च शिक्षा ,पैसो या सरकारी अधिकारी के बलबूते पर ? क्योंकि आज राखी बिरला जोकि दिल्ली कि मंत्री हैं, के बयानो से उनकी अनुभवहीनता और अपरिपक्वता काज्ञान लोगो को देखने को मिल रहा है ! ये बिलकुल भी जरुरी नहीं कि बहुत ज़ादा पड़ा लिखा वयक्ति ही समझदार हो सकता है ! इतिहास गवाह है के आज से पहले भी भारत के बहुतसे वयक्ति कम उम्र में मुख्यमंत्री या मंत्री रह चुके हैं पर आज वो कहा हैं या क्या कर रहे हैं यह सब को पता है पर जनता को याद नहीं ..! इसलिए मैं भारत के सभी मतदाताओं सेगुज़ारिश करूँगा के भेड़चाल को मत देखो, सही और गलत व्यक्ति / पार्टी को परख कर ही उनका साथ दें और वोट भी ! ये बात बिलकुल सही है के अरविन्द केजरीवाल जी ने राजनीति करने का नजरिया बदला है और जनता मैं जागरूकता भी लायी है परन्तु क्या सभी जुड़ने वाले लोग सही हैं और भविष्य में उनका साथ पूरी निष्ठा से दे पाएंगे ? मैं आम आदमी पार्टी को बधाई देता हूँ उनके भविष्य के लिए लेकिन साथ ही साथ सही आंकलन का आग्रह भी करूँगा !

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