भारत विकास परिषद् के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की दो-दिवसीय बैठक

भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की दो दिवसीय बैठक पंजाबी भवन, शालीमार बाग में सम्पन्न हुई, जिसमें परिषद् के विभिन्न संस्कार एवं सेवाभावी प्रकल्पों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए आगामी कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बौद्धिक प्रमुख श्री वी भगैया सहित परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारियों अध्यक्ष श्री सीताराम पारीक, कार्यकारी अध्यक्ष श्री एसके वधवा, उपाध्यक्ष श्री भूपेंद्र मोहन भंडारी, वित्त सचिव श्री एस एन पांड्या, कार्यवाहक महामंत्री श्री अजय दत्ता एवं राष्ट्रीय संयोजक (मीडिया) श्री राजकुमार जैन आदि का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बौद्धिक प्रमुख श्री वी भगैया ने कहा कि परिवर्तन के इस दौर में हमारी सभ्यता एवं संस्कृति भी अछूती नहीं रही है। दिनोदिन नैतिक एवं मानवीय जीवन मूल्यों का क्षरण हो रहा है। परिवर्तन के इस दौर में भी भारतीयता क्या है, इस पर गंभीरता से विचार कर इसे अक्षुण एवं समृद्ध बनाने का प्रयास करना होगा। परिषद् को महिलाओं एवं युवाओं को जोड़ने पर जोर देने की बजाय उनके हितों से संबंधित कार्यक्रमों के आयोजन पर विशेष ध्यान देना होगा। 

परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सीताराम पारीक ने कहा कि सेवा कार्यों का प्रभाव तो तत्काल परिलक्षित होता है जबकि संस्कार कार्य आम का पेड़ लगाने के समान है, जिसका मीठाफल हमें लम्बे समय बाद मिलता है। अतः हमें देश के नौनिहालों में संस्कार के बीज रोपने का सतत प्रयास करते रहना होगा। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री एसके वधवा ने कहा कि हमें संस्कार कार्यक्रमों को तो प्राथमिकता देनी ही होगी, साथ ही सेवाकार्यों पर भी विशेष ध्यान देना होगा। राष्ट्रीय संयोजक (मीडिया) श्री राजकुमार जैन ने कहा कि कोशिश होनी चाहिए कि संस्कार कार्यों की तरह सेवा कार्य भी ऐसे हों जो लम्बे समय तक के लिए लाभकारी हों।

कार्यक्रम का कुशल संचालन कार्यवाहक महामंत्री श्री अजय दत्ता ने किया। आयोजक प्रांत भाविप दिल्ली प्रदेश उत्तर के मुख्य संरक्षक एवं दिल्ली के पूर्व महापौर श्री महेश चंद्र शर्मा, अध्यक्ष श्री संजीव मिगलानी, महासचिव श्री नरेंद्र सिंघल एवं कोषाध्यक्ष श्री बी बी दीवान की देख-रेख में आयोजन की सुंदर व्यवस्था की गयी। बैठक में बड़ी संख्या में परिषद पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रकल्पों के प्रमुख उपस्थित रहे।

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