सफल जीवन से सार्थक जीवन ज्यादा महत्वपूर्ण : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन में विवेकानंद केंद्र के संस्थापक माननीय एकनाथ रानाडे की जन्मशती समोराह का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने रानाडे को अपना प्रेरणास्त्रोत बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के सपनों को पूरा करने के लिए एकनाथ रानाडे ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया।

प्रधानमंत्री ने युवाओं से जीवन सार्थक करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत को भव्यता और दिव्यता दोनों लक्ष्यों को हासिल करना होगा। पूरा विश्व भारत से दिव्यता चाहता है जबकि भारत का गरीब आदमी भव्यता चाहता है। युवाओं पर ये दोनों जिम्मेदारी पूरी करने का उत्तरदायित्व है। उनको ये दोनों लक्ष्य हासिल करके अपना जीवन सार्थक करना चाहिए। सफल जीवन से सार्थक जीवन ज्यादा महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि माननीय रानाडे ने समाज और देश के लिए बहुत कुछ किया। उनकी जिन्दगी में जनभागीदारी की बहुत अहमियत थी। इसलिए हर काम जनभागीदारी से करनी चाहिए। समारोह के दौरान बड़ी संख्या में अन्य गणमान्य उपस्थित रहे । जिनमें भारत विकास परिषद् के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार वधवा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री भूपेंद्र मोहन भंडारी एवं राष्ट्रीय संयोजक (मीडिया) श्री राजकुमार जैन भी शामिल रहे।

उल्लेखनीय है कि विवेकानन्द केंद्र, स्वामी विवेकानन्द के सिद्धान्तों को प्रसारित करने के उद्देश्य से स्थापित एक हिन्दू आध्यात्मिक संस्था है। महान विचारक स्वामी विवेकानंद को आदर्श मानकर उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लेकर सन 1972 मे माननीय एकनाथ रानाडे ने इसकी स्थापना की। विवेकानन्द केंद्र मानता है कि ईश्वर प्रत्येक मनुष्य मे है और उसे जगाकर देश निर्माण मे उपयोग किया जा सकता है।

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