श्री राजेश गहलोत एक कर्मठ भाजपा कार्यकर्ता



बचपन व पारिवारिक परिवेश
श्री राजेश गहलोत का जन्म 22 सिप्तंबर 1964 को पश्चिमी बाहरी दिल्ली के देहात गाँव नवादा में हुआ । इनके पिता श्री सरदार सिंह शिक्षाविद और सरकारी स्कूल से बतौर प्रधानाचार्य के पद सेवनिर्वत हुए। इनकी माता श्रीमति प्रकाशवती एक घरेलू महिला हैं। इनके पिता समाज सेवा के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होने अपने सेवाकाल के दौरान सामाजिक कुरीतियों को समाज से खत्म करने के खूब प्रयास किए।


उन्होने नजफ़गढ़ में भव्य गौशाला की स्थापना के लिए गाँव- गाँव जाकर धन एकत्र किया। इतना ही नहीं, उन्होने नवादा के शमशान घाट के विकास कार्य व आधुनिक सुविधायों आदि उपलब्ध करने में अहम भूमिका अदा की। इन्ही भारतीय परंपरागत मूल्यों के माहौल को अपने अभिभावकों की निगरानी में बचपन से ही ग्रहण किए।


जीवन का मकसद:
कॉलेज की पढ़ाई के बाद पिता के ईटें बनाने वाले भट्टे व्यवसाय में हाथ बटाना शुरू कर दिया। इसके उपरान्त क्रॉकरी के व्यवसाय में भी थोड़े समय के लिए हाथ आजमाए। परन्तु वे अपनी दिनचर्या व नए व्यवसाय से सन्तुष्ट नहीं थे। क्योंकि उनका जीवन में कुछ और ही करने का मन में था। वे सदा जरूरतमंदों की मदद करने, तीर्थ स्थलों के निर्माण कार्यों, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के शादीकरवाने, प्रतेयक व्यक्ति की आम व विशेष समसायाओं को निस्वार्थ हल करने के लिए आतुर रहते।


राजनीति में कव व कैसे आए:
सन 1987 की बात है जब हरियाणा के महान नेता चौधरी देवी लाल के नेत्रत्व में जन जागरण आन्दोलन में शामिल हुए। उस समय भारतीय जनता पार्टी नहीं थी। उस वक्त राजेश जी को लोक दल द्वारा दिल्ली राज्य के लिए सचिव पद के लिए ज़िम्मेदारी सौंप दी गई। इस तरह आपने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। उसके बाद तो मानो एक इतिहास ही रच दिया गया। सन 1989 ही में, इन्हेजनता दल के लिए लोकसभा चुनाव लड़ने का सुअवसर प्राप्त हुआ लेकिन अनुभवहिनता के कारण उस समय मौके का लाभ नहीं ले पाए। इसी तरह सन 1993 में दिल्ली विधान सभा के चुनावों में जनता दल की तरफ से हस्तसाल चुनाव क्षेत्र से चुनाव लड़ा और 12500 वोट प्राप्त किए। हालांकि इस सीट को तो नहीं जीत सके लेकिन इस क्षेत्र में अपनी विशेष छाप छोड़ने में कामयाब साबित हुए।जहां एक तरफ लोक दल, जनता दल व भारतीय जनता पार्टी एकजुट होकर कई प्रान्तों में चुनाव लड़ने का प्रयास कर रही थी। इसी दौर में, सन 1996 में इन्हे स्वर्गीय श्री साहिब सिंह वर्मा के कुशल नेत्रत्व में कार्य करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ और इस तरह श्री राजेश गहलोत- भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।


राजनीतिक जीवन में पद व पहचान:
परिणामस्वरूप 1997 में ही, मटियाला चुनाव क्षेत्र से दिल्ली नगर निगम में बतौर निगम पार्षद के रूप में चुने गए। इसके बाद सन 1998 में नजफ़गढ़ क्षेत्र के अध्यक्ष तथा 1999 में कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष चुने गए। इसके उपरान्त, इन्हे वर्ष 2000-2001 व 2001-2002 में लगातार दो वर्षों तक उप महापौर के रूप में पदौन्नित किया गया। 


पसंदीदा नेतागण
इनके दिलो दिमाग में भारतीय स्वतन्त्रता सेनानियों के प्रति विशेष आदर व सम्मान है। जिन्होने देश को आज़ाद कराने में अहम भूमिका निभाई। इनके अलावा, पूर्व प्रधानमन्त्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व उप प्रधानमन्त्री चौधरी देवी लाल, पूर्व प्रधानमन्त्री श्री अटल बिहारी जी, श्री राजनाथ सिंह जी, सुश्री सुषमा स्वराज व प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेताओं के मुरीद हैं श्री राजेश गहलोत।


सफलता की कूंजी
अभिभावकों व शुभ चिंतकों का आशीर्वाद, सकारत्मक सोच व सामाजिक कार्य ही मेरे सफलता के लिए प्रेरणा स्रोत साबित हुए हैं। मुझे हर वो इंसान पसंद है जो मेरे साथ भावनात्मक रूप से मुझ से जुड़ा है। मैं अपने क्षेत्र के सभी निवासियों, अधिकारियों व कर्मचारियों की उम्मीदों पर खरा साबित होने के लिए मैं अपना शत प्रतिशत देने का भरसक प्रयास करता हूँ। इन्ही विषयों से मुझे अधिक मजबूती मिलती है और मैं कभी भी शारीरिक रूप से थका महसूस नहीं करता हूँ। बल्कि मुझे सामाजिक कल्याण कारी कार्य करने से मानसिक संतुष्टि भी प्राप्त होती है। मुझे जो कुछ भी आज तक मिला है उसका श्रेय सर्व शक्तिमान ईश्वर तथा मेरे शुभ चिंतकों को जाता है। क्योंकि इन्होने ने ही मेरे जीवन की सफलता में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन्ही की बदौलत आने वाले समय में और अधिक सफलता अर्जित होगी।


राजनीतिक ज्ञाताओं ने आगामी चुनावों में विधायक का चुनाव जीतने के बाद, श्री राजेश गहलोत को मंत्री पद तक हासिल करने की संभावना जताई है। 

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