देश-विदेशों में गायकी की धूम मचाने वाले अरुण जल्द ही बॉलीवुड में भी चमकेंगे


आपका जन्म कहाँ हुआ संगीत गाने का शौक किस उम्र से आरम्भ हुआ?
मेरा जन्म जालंधर, पंजाब में हुआ, जहाँ तक गाने के बात करें तो जब मैं तीसरी कक्षा में पढता था और 8 वर्ष का था तभी मैंने पहली बार सदाबहार कलाकार दलीप कुमार साहब की फिल्म गोपी फिल्म का “सुख के सब साथी, दुःख में ना कोई” भजन गाया. इस भजन को सुनकर उपस्थित जनसमूह ने मेरा खूब हौंसला बढ़ाया. उसके बाद मैंने पीछे मुड़के नहीं देखा.

गाने की प्रेरणा कहाँ से मिली?
वैसे जहाँ तक इस गायन के क्षेत्र में आने का श्रेय पिताश्री को जाता है. मेरे पिता मंदिर में ढोलक बजाया करते थे वहीँ से मुझे संगीत के क्षेत्र में आने की प्रेरणा मिली. 

Arun Dhamija award of face magazine best singer award

पढाई कहाँ तक की , संगीत या गाने की कोई ट्रेनिंग भी ली

मैंने सन 1999 संगीत में ही स्नातक की डिग्री चंडीगढ़ से की. 

कितने देशों में गाने का मौका मिला
पेशेवर गायक के तौर पर मुझे लगभग 15 वर्ष हो गए हैं इस दौरान मैंने दुबई, मस्कट, सिंगापूर, बैंग्कोक तथा पुरे भारत में कितने ही मंचों पर गया. जालंधर दूरदर्शन के आलावा टीवी शो ता रा रम्प पम्प के लिए भी गाया और संगीत प्रेमियों के दिल में जगह बनाने को मौका मिला.

आपका फेवरेट सिंगर कौन है ?
मेरे पसंदीदा गायक रफ़ी साहब और गायिका लता जी रहे हैं वैसे सोनू निगम भी मुझे अच्छे लगते हैं .

Arun dhamija with Shamsher Mehndi & Yograaj Sharma

अच्छी गायकी का रियाज से क्या रिश्ता है?
अच्छी गायकी के लिए रियाज करना बहुत जरुरी है जैसे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कसरत की जररूत होती है, उसी तरह आवाज को दिलकश बनाए रखने के लिए रियाज करना बहुत जरुरी होता है. 

आपकी लेटेस्ट रिलीज अल्बम का क्या नाम है?
एक दिन पहले ही मेरी अलबम एव्री डे हायर रिलीज हुई है इससे पहले वीनस वर्ल्डवाइड एंटरटेनमेंट कम्पनी की सोनिये अलबम रिलीज हुई थी. आप निम्न लिंक पर देख सकते हैं 
अब, मैं अपनी गायकी को बॉलीवुड में भी स्थापित करना चाहता हूँ यही मेरा सपना है.

(प्रस्तुति: एस.एस.डोगरा Email: ssdogra@journalist.com)