देश को बचाना है तो जैविक खाद अपनाना होगा


एस एस डोगरा 


गांधीनगर, मुज्ज्फ्फर नगर. उत्तरप्रदेश. धरती बलवान- किसान धनवान की तर्ज पर धरती धन द्वारा राष्ट्र व्यापी मुहीम के तहत नाथ फार्म, भोपा रोड, विश्व कर्मा चौक, गांधीनगर, मुज्ज्फ्फर नगर में अर्पित ट्रेडिंग कम्पनी के कार्यालय का उद्घाटन हुआ. खाटू श्याम आर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक तथा धरती धन-जैविक खाद के उत्पादक व् मुहीम के मुखिया कौशल गर्ग के अनुसार विधिवत दीप प्रज्ज्वल के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कार्यालय स्थापना के सुअवसर पर बॉलीवुड स्टार शिवा कुमार ने बतौर मुख्याथिति सैंकड़ों किसानों को जैविक खाद अपनाने का आग्रह किया. इसी सुअवसर पर धरती धन के प्रकाशन का भी विमोचन किया गया.
इसी मौके पर धरती धन के बायो एक्सपर्ट इन्द्र देव यादव ने भी जैविक खाद के प्रयोग की विधि तथा परमपरागत विधि अपनाते हुए गौबर से उत्पन्न जैविक खाद के लाभ विषय पर उपस्थित किसानों को महत्तवपूर्ण जानकारी प्रदान की. इसी कड़ी में ठाकुर धर्मपाल सिंह-प्रान्त अध्यक्ष, भारतीय किसान संघ ने भी स्थानीय किसानों को जैविक खाद के फायदे तथा इस विषय में जागरूकता के लिए अपने निजी अनुभव साझा किए. गौरतलब है कि उक्त कार्यालय उद्घाटन समारोह एवं किसान गोष्ठी में लगभग बीस से अधिक आसपास के गाँव के हजारों किसानों ने बड़े गर्मजोशी से हिस्सा लिया. गत दिनों धरती धन ने इसी जैविक खाद को अपनाने वाले देशव्यापी अभियान के तहत हरेवली गाँव में भी सोनीपत जिले के वितरक मूर्ति कृषक सेवा संस्थान द्वारा संचालित कार्यालय का उद्घाटन बड़ी धूमधाम से हुआ था. 
भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है और आज भी, देश की आबादी का लगभग 65% हिस्सा खेती पर निर्भर करता है। लेकिन मीडिया के व्यावस्यिक माहौल में कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीक तथा विकास पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है। लेकिन ऐसे व्यावस्यिकरण की दौड़ मे खेती के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान करने तथा जैविक खेती (गाय के गौबर से तैयार) और किसानों को समृद्ध, संपन्न व आत्म निर्भर बनाने के लिए धरती धन ने देशव्यापी अभियान शुरू किया है. इस मुहीम की अलख जगाने में, भाई कौशल गर्ग तथा इन्द्रदेव यादव जी का महत्तवपूर्ण योगदान हैं जिन्होंने अपनी अथक मेहनत दिल्ली में बवाना के पास स्थित हरेवली तथा कंझावला रोड पर स्थित गौशाला और आजमगढ़, उत्तरप्रदेश में गाय के गौबर से तैयार होने वाली जैविक खाद के प्लांट युद्ध स्तर पर खाद उत्पादन कर रहें हैं.
गौरतलब है कि देश के विभिन्न राज्य की भूमि रासायनिक (यूरिया व् डी पी टी) खाद के प्रयोग के कारण केंसर युक्त हो गई और उस भूमि में फसल उत्पादन करना असंभव हो गया है. और कृषि जानकारों का मानना है कि रासायनिक खादों से उत्पन्न खाद्य पदार्थ मानव में केंसर जैसे गंभीर रोग पैदा करने में सहायक साबित हो रहे हैं. और ये रासायनिक खाद महंगे व् कालाबाजारी के बाबजूद भी पुरे देश के किसानों की मांग की पूर्ति करने में भी सक्षम नहीं है. साथ ही रासायनिक खाद की अपेक्षा कम कीमत पर उपलब्ध जैविक खाद को अपनाने से देश के किसान को ही नहीं बल्कि आम नागरिक के स्वास्थ्य को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा.
इसी समारोह के दौरान शामली, सहारनपुर, मुज्जफरनगर के सेवा दस जी, क्षेत्रीय प्रबधंक मोहन भरद्वाज, कमाल पुर के धन कुमार, भंदुर के मुकेश कुमार, मेरठ के सुशील गुप्ता, प्रमोद लाम्बा, चन्द्र प्रकाश त्यागी, संजीव राणा, संजय कुमार आदि वितरक भी उपस्थित थे.

इस देशव्यापी अभियान में आहूति देने के लिए देश के विभिन राज्यों के भिन्न-भिन्न जिलों में धरती धन खाद विक्रेता केंद्र स्थापित किए जा रहें हैं. जैविक खाद के उपयोग को लाभकारी मानकर वृद्ध के अलावा युवा किसान भी विशेष दिलचस्पी दिखा रहें हैं.

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