अभिनय मेरा नशा है — संतोष साहू

प्रेमबाबू शर्मा

फिल्मी दुनिया में बिना फिल्मी बैकग्राऊंड के बहुत संघर्ष करना पड़ता है मगर जब आपके पास मेहनत,लगन और धैर्य जैसे तीन रत्न हो तो सफलता एक दिन जरूर कदम चूमती है।

सपनों का शहर मुंबई में रोज नए लोग अपने आँखों में यह सपना संजोये आते हैं कि एक न एक दिन यह मायानगरी उन्हें शोहरत और दौलत देगी। फिल्मो का क्रेज ही ऐसा है कि एक बार इसका चस्का लगा और जिन्दगी भर चिपका। ऐसा ही एक साधारण शक्ल सूरत वाला नौजवान संतोष साहू छत्तीसगढ़ राज्य के उर्जानगरी कहे जाने वाले शहर कोरबा से अपनी किस्मत आजमाने बॉलीवुड मुंबई में आये यह सपना लेकर कि एक दिन वह भी चमकता स्टार बन सके। बचपन से फिल्मे देखने के शौक से इनकी अभिनय के प्रति दीवानगी ऐसी हुई कि और किसी काम में मन ही नहीं लगे इसीलिए इन्होंने सीधा मुंबई का रास्ता पकड़ा। संतोष का एक ही फंडा है सुनना सबकी करना अपनी।

मुंबई पहुँचने के बाद जबरदस्त संघर्ष किये, फिल्म मेकर से मिले कई धक्के खाए लेकिन हिम्मत नहीं हारे। पैसे खत्म हो गए तो मार्केटिंग जॉब के साथ थिएटर किये। मिलनसार स्वभाव के कारण धीरे धीरे फिल्मी मित्र बनने लगे और अनुभव भी होता गया तथा किस्मत भी साथ देने लगा।

लेखक निर्देशक संदीप तिवारी ने संतोष की प्रतिभा को पहचाना और उन्होंने अपनी 2 फिल्म अभिशाप, कामसूत्र और आटे दाल का भाव में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए चुना है। संदीप तिवारी का कहना है कि ‘संतोष समर्पित कलाकार है वह सेट पर हमेशा अपने डायरेक्टर की बातों को समझकर अभिनय करता है और मेरी उनके साथ अच्छी ट्यूनिंग रहती है।’

संदीप तिवारी की दोनों फिल्मों की शूटिंग लखनऊ में शुरू हो रही है। इसके बाद संतोष अपने डांस डायरेक्टर मित्र सुनील मोटवानी द्वारा निर्देशित हिंदी फिल्म श् एन जी ओ श् में भी एक पुलिस वाले के रूप में नजर आएंगे।

इन दिनों वे अपनी फिल्म ‘मोर माटी मोर फर्ज’को लेकर व्यस्त हैं, यह फिल्म छत्तीसगढ़ी, भोजपुरी और हिंदी में बनने जा रही है।

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