जोहड़ पर लगाये 700 पेड़

ग्राम विकास एसोसिएशन व सर्व धर्म कल्याण समिति गांव शाहाबाद पर दुवारा दिल्ली पार्क्स एंड गार्डन सोसाइटी के सहयोग से आज गांव के जोहड़ पर 700 पेड़ लगाये गए। इस जोहड़ का पुनरुत्थान दो साल पहले ग्राम विकास एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश लाम्बा के प्रयास से हुआ था। इस बार हुई अच्छी बरसात से जोहड़ में पानी लबालब भर गया है। 700 छाया दार पेड़ दिल्ली पार्क्स एंड गार्डन सोसाइटी, पर्यावरण विभाग दिल्ली सरकार दुवारा उपलभद कराये गए थे। कार्यकर्म में सबसे पहले ग्रामीणो दुवारा गांव के पुजारी पंडित लड्डू प्रसाद के सनिधाय में जोहड़ की पूजा की गयी. फिर दादा ब्रम्हा लाम्बा ने पेड़ लगाकर वृक्षारोपण का सुभारम्भ किया। इसके बाद सभी ने पेड़ की पूजा की।

इस अवसर पर RWA के पदाधिकारियों के साथ गांव के बुजुर्गों सहित लगभग 100 से ज्यादा लोगो ने भाग लिया। गांव के विद्यालय के 50 छात्रों ने अध्यापकों सहित पेड़ लगाये। स्थानीय विधायक कर्नल देवेंदर सेहरावत
पूर्व विधायक सतप्रकाश राणा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जतिन राम मांझी के बेटे और नई गठित पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा , सेकुलर (हम ) के प्रधान महासचिव संतोष कुमार सुमन डॉ सुखदेव सिंह , सदस्य सचिव दिल्ली वाटर बॉडी और सीईओ दिल्ली पार्क्स एंड गार्डन सोसाइटी दिल्ली सरकार जय प्रकाश शर्मा , असिस्टेंट हॉर्टिकल्चर दिल्ली सरकार अशोक जी , उद्यान विशेषसग दिल्ली सरकार ने वृक्ष रोपण किया तथा कार्यकर्म के आयोजन की सराहना की। श्री नरेश लाम्बा ने ग्रामीणो को सम्बोधित करते हुए कहा की -ग्रामीण लोक जीवन की अगाध श्रद्धा व आस्था के साथ जुड़े प्राकृतिक जल संचयन जोहड़ धरती के मनोरम सौन्दर्य के पूरक होते है। जोहड़ हमारी परंपराओ, त्योहारों व संस्कृति का अभिन्न अंग होता है। विभिन्न अवसरों पर जोहड़ की पूजा की जाती है। लोक साहित्य में गांव की संस्कृति समुद्धि में जोहड़ को उच्च स्थान प्राप्त होता है। जोहड़ पषु-पक्षियों के लिए प्राकृतिक जल स्रोत, मनुश्य के जीवन के लिए ईष्वर का अनमोल वरदान होते है।

जोहड़ वाटर हारर्वेस्टिंग व वाटर रिर्चाजिंग जैसी वर्शा जल संचयन की विधियों के नायाब व्यवस्था होते है। इनका संरक्षण करना हर मानव का कर्तव्य बनता है। जोहड़ के किनारों पर लगे वृक्ष न केवल धरती की षोभा बढ़ाते है साथ ही पर्यावरण संतुलन व जमीन के पानी के स्तर को भी ऊपर लाते है। वर्शा भी वहीं अधिक होती है जहाँ पेड़ ज्यादा होते है। पेड़ो की छाया पषु-पक्षियों के जीवन के लिए उपयोगी होती है। पेड़ों पर पक्षी अपना घरोंदा बनाते है। इनकी छाया से वातावरण के तापमान में कमी आती है।

पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाने वाले इन जोहड़ों के आस्तित्व को बचाने के लिए हम सभी को आगे आकर प्रयास करना होगा। ताकि आने वाली पीढ़ी को बेहतर पर्यावरण और जल भंडार मिलता रहे। डॉ सुखदेव सिंह जी ने कहाँ की दिल्ली पार्क्स एंड गार्डन सोसाइटी दिल्ली में हरयाली बढ़ाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। और नरेश लाम्बा जी हर साल इस तरह के अभियान चलाते हैं। सतप्रकाश राणा ने कहा की मने अभी तक दिल्ली के किसी जोहड़ में इतना साफ़ पानी और भरा हुआ नहीं देखा है। कर्नल देवेंदर सेहरावत ने स्कूल के बच्चो की भागीदारी की सराहना की और RWA के प्रयासों की सरहाना की।

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