विश्व बेघर दिवस 10 अक्टूबर 2015 “पटरी से पट्टे की मांग “ उठाई बेघर लोगो ने

विश्व बेघर दिवस 10 अक्टूबर 2015 आयोजन सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट-सी एच डी , संस्था द्वारा दो दिन का कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कश्मीरी गेट एवं यमुना पुस्ता के नजदीक सबसे ज्यादा बेघर लोग रहते है, एवं दिल्ली पुलिस की उतर जिला कश्मीरी गेट थाने में सबसे ज्यादा बेघरो की मौते दर्ज की जाती है.

पहली बार मनाया गया भारत के दिल्ली शहर में विश्व बेघर दिवस. विश्व बेघर दिवस की पूर्व संध्या पर यमुना पुस्ता से लेकर जामा मस्जिद, कनाट प्लेस तक निकाली गई बाइक रैली. कश्मीरी गेट, कनाट प्लेस, जामा मस्जिद , चांदनी चौक, उर्दू पार्क में एकत्रित हुए बेघर. सामूहिक रूप से मनाया गया विश्व बेघर दिवस. जिसका आयोजन सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट-सी एच डी , संस्था द्वारा दो दिन का कार्यक्रम किया गया, जिसमें 9 अक्टूबर विश्व बेघर दिवस की पूर्व संध्या पर यमुना पुस्ता से लेकर जामा मस्जिद, कनाट प्लेस तक बाइक रैली निकाली गई . 

विश्व बेघर दिवस 10 अक्टूबर 2015 को उर्दू पार्क में दिल्ली शहर से आये बेघरो ने बैठक की. आई एस बी टी पोर्टेर्स यूनियन से छाजू राम, होमलेस आर टी आई एक्टिविस्ट नन्द लाल, 2008 में बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार सम्म्मानित बेघर युवा, सामाजिक कार्यकर्ता इंदु प्रकाश सिंह, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के सदस्य बिपिन राय. सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट-सी एच डी के सुनील कुमार आलेडिया द्वारा बेघर साथियो के साथ आवास एवं शहरी ग़रीबी उन्मूलन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के थाहत शहरी बेघरो के लिए आश्रय गृह योजना पर चर्चा की गई. बेघर साथियो के बीच से आश्रय गृह योजना के तहत उनोहने कहा की हमे रेन बसेरे नहीं बल्कि हमे घर का अधिकार चाहिए, हम लोग भी इस देश के नागरिक है. हम लोगो के पारिवार कब तक फूटपाथ पर जीवन यापन करेगा….इसी बैठक में सभी के लिए आवास पर चर्चा करते हुए जोर दिया गया की जो योजना सरकार कार्यान्वित करना चाह रही है इस योजना में क्या बेघरो को भी शामिल किया गया है. या फिर मात्र योजना कागजी ही है .

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