पापा ही मेरे मोटिवेशनल गुरू हैंः सोनम

चन्द्रकांत शर्मा

सिंगर सोनम ठाकुर बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। हालांकि सोनम प्लेबैक सिंगर है परन्तु उन्होंने करियर की शुरूआत एक्टिंग से की थी। बचपन में उन्होंने एक मराठी सीरियल में कामकिया। उसके बाद सोनम के पिता कैप्टन रंजीत सिंह ने कहा कि पहले पढ़ाई कम्पलीट कर लो, उसके बाद जो करना है करो और सोनम ने भी अपने पिता की बात मानते हुए पहले पढ़ाईकम्पलीट की और उसके बाद फिल्म इंडस्ट्री की तरफ रूख किया। यह सोनम की आवाज का जादू ही है कि आज उनके पास कई फिल्में हैं, जिनमें श्रोताओं को उनकी आवाज सुनने कोमिलेगी। हाल ही में मुम्बई में सोनम से खुलकर बातचीत हुई। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंशः

आपने करियर की शुरूआत कैसे की?
बचपन से ही मेरा सपना था कि मुझे फिल्म इंडस्ट्री में कुछ न कुछ करना है परन्तु सिंगिग में मेरा ज्यादा इंटरेस्ट था। फिर क्या हुआ कि मैं अपनी बहन के साथ एक-दो जगह पर आॅडिशनके लिए गई और वहां मेरा सिलेक्शन भी हो गया एक मराठी सीरियल में। उस सीरियल में स्पेशल अपीरियंस था मेरा। उसके बाद मेरे पापा ने कहा कि पहले बेटा तुम पढ़ लो, फिर जोकरना है, करो। पापा की रिटायरमेंट के बाद हम लोग हिमाचल चले गए और उस समय वहां मिस हिमाचल काॅन्टेस्ट के आॅडिशन चल रहे थे। वहां मैंने आॅडिशन दिया और मेरा सिलेक्शनभी हो गया। उसके बाद मैंने मिस शिमला के लिए आॅडिशन दिया और वहां भी मेरा सिलेक्शन हो गया परन्तु मेरे एग्जाम के चलते मैं फाइनल में भाग नहीं ले पाई। उसके बाद मैं मुम्बईशिफ्ट हो गई और मेरे एक फ्रेंड ने मुझे पंजाबी फिल्म के लिए कहा परन्तु उस फिल्म में उन्हें एक्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर की आवश्यकता थी और मैंने वो जाॅब ज्वाइन कर ली। इस तरह सेमेरा माॅडलिंग से करियर बिल्कुल चेंज हो गया। उसके बाद मैंने साउथ की कुछ बड़ी फिल्मों में एक्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर काम किया।


आपने करियर की शुरूआत चाइल्ड आर्टिस्ट से की, उसके बाद माॅडलिंग फिर एक्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर। तो सिंगिग में कैसे आना हुआ?
एक्चुअली सिंगिग में मेरा बचपन से ही इंटरेस्ट था। मैं स्कूल व काॅलेज में भी कल्चरल एक्टिविटीज में भी हिस्सा लेती रहती थी। परन्तु जब मैंने इण्डस्ट्री में ट्राई किया तो मुझे जो आॅफरमिल रहे थे, वो एक्टिंग या माॅडलिंग के ज्यादा मिल रहे थे। उसके बाद मेरे पापा ने मुझे समझाया कि बेटा, तुम्हारी आवाज अच्छी है और तुम सिंगिग पर ही ज्यादा फोकस करो। तो मैंनेभी रियाज शुरू कर दिया और सिंगिग के प्रोजेक्ट मुझे मिलने शुरू हो गए।

ग्लैमर इंडस्ट्री को लेकर परिवार की कितनी स्पोर्ट रही और सबसे पहले आपकी गायकी को किसने नोटिस किया?
मेरे पापा आर्मी आॅफिसर रहे हैं और हमारा परिवार खुले विचारों का है। ग्लैमर इंडस्ट्री को लेकर परिवार की काफी स्पोर्ट मुझे मिली। सिंगिग को लेकर सबसे पहले मेरे पापा ने ही मुझेनोटिस किया और पापा ही मेरे मोटिवेशनल गुरू भी हैं। आज मैं जो भी हूं, सब पापा की ही बदौलत हूं।

सिंगिग में किस सिंगर से इंस्पायर हैं आप?
सिंगिंग में मैं सोना महापात्रा से काफी इंस्पायर हूं क्योंकि जब वो रियलस्टिक गाने गाते हैं तो वो मुझे बहुत अच्छे लगते हैं। उनके गानों में एक सोशल मैसेज भी छिपा होता है।

सिंगिग में आपका जोनर क्या है?
वैसे गाने तो मैं हर तरह के गा लेती हूं परन्तु पार्टी नम्बर, रोमांटिक साॅन्ग व आइटम नम्बर मेरे जोनर के हैं।

करियर के दौरान कोई यादगार लम्हा?
वैसे तो यादगार लम्हे बहुत सारे हैं परन्तु मेरी पहली ही फिल्म अभिनेत्री सेलिना जेटली के साथ थी, तो वो मेरे लिए यादगार पल थे। उस फिल्म में मैंने एक्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर परकाम किया था।

कहा जाता है कि गायकी से आप भगवान को पा सकते हैं? इस बात से किस हद तक सहमत हैं आप?
वैसे तो भगवान हर जगह वास करते हैं परन्तु जब हम सिंगिग करते हैं तो हम सब कुछ भूल जाते हैं और एक दूसरी ही दुनिया में पहुंच जाते है और शायद वो दुनिया ही भगवान का रूप है।

आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में बताएं?
अभी तीन फिल्मों में गाने गा रही हूं जिनमें फिल्म ‘कुक्की रिक्की की हो गई’ में दो गाने मैं गा रही हूं। उसके अलावा फिल्म ‘ब्लैक पोस्टर’ और फिल्म ‘फुद्दू’ के दो प्रमोशनल गानों मेंएक्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रही हूं।

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