लोगों के बीच डिजिटल महामना को आना चाहिएः अनंत कुमार


-प्रेमबाबू शर्मा

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं रसायन उर्वरक मंत्री श्री अनंत कुमार ने कहा कि विज्ञान में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के कीर्तिकलश काशी हिंदू विश्वविद्यालय अपने स्थापना का शताब्दी वर्ष समापन समारोह में मैं न तो एक मंत्री की हैसियत से आया हूं और न ही एक सांसद के रूप में। मैं तो महामना के भक्त के रूप में यहां आया हूं। महामना ने अपने जीवन में जो आदर्श उपस्थित किया, उससे पूरा देश आलेाकित होना चाहिए। इसके लिए यह जरूरी है कि महामना के विचार और आदर्श अब पुस्तकों के साथ ही डिजिटल फाॅर्म में सबके लिए सुलभ हों। आज के युवा और बच्चे डिजिटल इंडिया से जुड रहे हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में मैं मालवीय मिशन से जुडना चाहता हूं। दक्षिण के करोडो लोग रामेश्वरम के दर्शन के बाद काशी में बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने आते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महामना मालवीय मिशन भारत सरकार को आदेश करें, हम उसके अनुरूप काम करने को तैयार हैं। 

25 दिसंबर विज्ञान भवन में दो दिवसीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री एस एस अहलुवालिया जी ने कहा कि देश के कई भागों में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की शाखा खुलनी चाहिए। महामना के विचार कच्छ से कोहिमा और कश्मीर से कन्याकुमारी तक पहुंचना चाहिए। यह काम हो जाता है, तो राष्ट्निर्माण में एक अहम कडी जुड जाएगी। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि महामना ने अपने जीवन काल में केवल काशी हिंदू विश्वविद्यालय की ही स्थापना नहीं की है, उन्होंने कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। लेकिन अफसोस कि पूर्व की सरकारों ने महामना को एक तरह से उपेक्षित किया।

इससे पूर्व महामना मालवीय मिशन के दो दिवसीय समारोह का औपचारिक उदघ््ााटन केंद्रीय मंत्री श्री अनंत कुमार जी, श्री एसएस अहलुवालिया, महामना मालवीय मिशन के अध्यक्ष व महामना के पौत्र पूर्व न्यायधीश गिरिधर मालवीय जी, महामना मालवीय मिशन के राष्ट्ीय महामंत्री श्री हरिशंकर सिंह जी, राष्ट्ीय उपाध्यक्ष श्री प्रभु नारायण जी, संघ प्रचारक श्री शंकर तत्ववादी जी, श्री पवन जायसवाल जी, मिशन के संयोजक डाॅ वीपी सिंह, सह-संयोजक श्री धनंजय गिरि सहित कई गणमान्यों ने दीप प्रज्वलित करके किया। कार्यक्रम के दौरान कई वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखें। सांगतिक प्रस्तुति भी हुईं।

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