भारत में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषयः ‘स्माल वायसेज, बिग ड्रीम्स’ का

-प्रेमबाबू शर्मा

अंतर्राष्ट्रीय विकास समूह, चाइल्डफंड ने ‘बाल हितैषी उत्तरदायित्व कार्यप्रणाली’ पर एक वैश्विक सर्वे – ‘‘स्माल वायसेज, बिग ड्रीम्स’ आयोजित में चाइल्डफंड द्वारा ‘‘चाइल्ड फ्रेंडली एकाऊंटिबिलिटी मैथेडोलाॅजी’’ (‘‘बाल हितैषी उत्तरदायित्व कार्यप्रणाली’’) की प्रस्तुति भी की गई। जिसमें बच्चों के खिलाफ हो रही हिंसा को खत्म करने के लिए निर्णय लेने वाले अंशधारकों को सशक्त बनाने के लिए दिशानिर्देश उपलब्ध कराता है।
इस आयोजन में सरकार, प्रदाता क्षेत्र, शिक्षाविदों और एनजीओ‘ज़ के साथ-साथ बच्चों और युवाओं ने मिल कर चर्चा और सहयोग करने के तरीकों के लिए प्रतिभागिता की।
इस सर्वे में 41 देशों में 10-12 वर्ष के बीच के 6,000 से अधिक बच्चों की आवाज़ें शामिल की गई हैं। प्रतिभागी देशों में भारत, अफगानिस्तान, कम्बोडिया और ज़ाम्बिया शामिल हैं। इसके निष्कर्षों में, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के बच्चों के बीच समानताओं और असमानताओं को चिन्हित किया गया है।

एनी लिनम गोडार्ड, प्रेसिडेंट व सीईओ, चाइल्डफंड इंटरनेशनल ने कहा, ‘‘‘‘स्माल वायसेज, बिग ड्रीम्स’’ उन मुद्दों को समझने का प्रयास करने का एक हिस्सा है जो बच्चों के दिमाग पर प्रभाव डालता है और विभिन्न क्षेत्रों के सुधार का आंकलन करता है। सर्वे यह बताता है कि अनेक बच्चे स्कूल में अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति चिंतित रहते हैं जो उनके समग्र विकास और वृद्धि पर प्रभाव डालने के लिए महत्वपूर्ण सुश्री नीलम मखीजानी, नेशनल डायरेक्टर, चाइलडफंड इंडिया ने कहा, ‘‘यह सर्वे बताता है कि भारत में बच्चे शिक्षा व विषयों को सीखने की अधिक संवादात्मक सोच लाने के प्रति अधिक उत्साहजनक हैं और प्रत्येक बच्चे के पास सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है सामूहिक हस्तक्षेप करना हमारा नैतिक उत्तरदायित्व है। हम फैसले लेने में बच्चों की प्रतिभागिता को प्रोत्साहित करना चाहते हैं और हमारा चाइल्ड फ्रेंडली एकाऊंटिबिलिटी फ्रेमवर्क इस दिशा में एक कदम है।’

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