मन चंगा तो कठौती में गंगा के अभिप्रेरक संत रविदास सामाजिक समरसता के प्रतीकः दयानंद वत्स

आदर्श ग्रामीण समाज दिल्ली के तत्वावधान में आज उत्तर पश्चिम दिल्ली के बरवाला गांव में समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दयानंद वत्स की अध्यक्षता में संत शिरोमणि संत रविदास की जयंती पूर्ण श्रद्धा एवं सादगी से मनाई गई। श्री वत्स ने संत रविदास के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अपने.श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री वत्स ने कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता के प्रतीक थे, वे मन चंगा तो कठौती में गंगा के अभिप्रेरक थे।

उनका मानना था कि व्यक्ति जन्म और जाति से नहीं वरन अपने कर्म और आचरण से बडा होता है।
संत रविदास का जीवन मानवता के लिए एक मिसाल है। उनकी शिक्षाऐं व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने.वाली हैं।

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