सामाजिक जन-जागरण की प्रणेता थी सावित्री बाई फुलेः दयानंद वत्स

आदर्श ग्रामीण समाज और अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ के संयुक्त तत्वावधान में आज उत्तर पश्चिम दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-36 स्थित संघ के मुख्यालय बरवाला में संघ के राष्ट्रीय महासचिव गांधीवादी विचारक और चिंतक शिक्षाविद् दयानंद वत्स की अध्यक्षता में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं भारत के प्रथम महिला विद्यालय की संस्थापिका महान सामाजिक नेत्री सावित्री बाई फुले की 120वीं पुण्यतिथि सादगी और श्रद्धापूर्वक मनाई गयी। श्री दयानंद वत्स ने सावित्री बाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भारत की कृतज्ञ आधी आबादी की ओर से अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
अपने संबोधन में श्री वत्स ने कहा कि सावित्री बाई फुले भारत में सामाजिक जन-जागरण की प्रणेता थीं। विपरीत सामाजिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होने भारत में नारी मुक्ति आंदोलन का नेतृत्व किया। समाज में फैले छूआछात, बालविवाह, विधवा विवाह निषेध, अशिक्षा जैसी सामाजिक कुरीतियों के.विरुद्ध महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर आजीवन समाज के दलित, शोषित और वंचित वर्गों की महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।

इस अवसर पर श्री दयानंद वत्स ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री वैंकैया नायडू को पत्र लिखकर मांग की है कि वे नयी युवा पीढी को सावित्री बाई फुले द्वारा स्त्री शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में.दिए गये अविस्मरणीय योगदान से परिचित कराने के लिए
दूरदर्शन पर धारावाहिक का निर्माण कराने.की मांग की है।

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