संघर्षों की आग में तपकर ही कुंदन बना है शाहरुख खान, दिल्ली वालों को अपने बेटे पर है नाज: दयानंद वत्स

नेशनल मीडिया नेटवर्क फिल्म फॉउंडेशन और अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ के अध्यक्ष दयानंद वत्स ने आज संघ के मुख्यालय बरवाला में 52वें जन्मदिन पर बॉलीवुड के बादशाह शाहरूख खान को अपनी शुभकामनाएं दीं ओर उनकी दीर्घायु की कामना की हैं। इस अवसर पर श्री वत्स ने कहा कि वैसे तो सारी दुनिया शाहरूख खान को चाहने वाली है लेकिन दिल्ली वालों को अपने इस बेटे पर बहुत नाज है। नई दिल्ली के सैंट कोलंबस स्कूल, हंसराज कॉलेज और जामिया मिल्लिया इस्लामिया से शिक्षित होकर रंगमंच और फिर टीवी सीरियल फौजी, सर्कस से होते हुए दीवाना फिल्म से मुंबई फिल्माकाश पर छाने वाला शाहरुख बालीवुड का बादशाह बन गया। दिलीप कुमार साहब ने आठ और शाहरुख खान ने चौदह बार फिल्मफेयर अवार्ड जीत कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यश और आदित्य चोपडा, करण जोहर की फिल्मों ने शाहरुख को रोमांस का जादूगर बनाया। जहां उनकी हिट ओर.सुपरहिट फिल्मों की लंबी फेहरिस्त है वहीं कई फ्लाप भी उनके नाम हैं। श्री वत्स ने कहा कि संघर्षों की अग्नि में तपकर ही शाहरुख कुंदन बना है। हंसराज कॉलेज में हम उसके सीनियर थे लेकिन बहुमुखी प्रतिभा के धनी हमारे जूनियर ने न केवल हंसराज कॉलेच बल्कि समूची दिल्ली को भी गौरवान्वित किया है

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