हिंदी फिल्मों में कॉमेडी को नये आयाम देने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी फिल्म लेखक और निर्देशक थे नीरज वोरा: दयानंद वत्स

अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ एवं नेशनल मीडिया नेटवर्क फिल्म फॉउंडेशन चेरिटेबल ट्रस्ट के समूह अध्यक्ष गांधीवादी विचारक एवं चिंतक दयानंद वत्स ने सुप्रसिद्ध फिल्म लेखक, निर्देशक और अभिनेता नीरज वोरा के अल्पायु में हुए आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धाजलि अर्पित की। श्री वत्स ने कहा कि नीरज वोरा एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी फिल्म लेखक और निर्देशक थे। रोहित शेट्टी की गोलमाल उनके प्रसिद्ध नाटक अफलातून पर आधारित थी। जो बहुत बडी हिट साबित हुई। वे रामगोपाल वर्मा की रंगीला से जुडे बाद में खिलाड़ी 420, हेराफेरी और फिर हेराफेरी के निर्देशक भी रहे। वे एक विलक्षण अभिनेता भी रहे। नीरज ने बालीवुड स्टार आमिर खान के साथ रंगीला, मन और सदाबहार अभिनेता कनिल कपूर के साथ विरासत में अभिनय किया। उनकी अभिनीत हैलो ब्रदर को कौन भुला सकता है।नीरज वोरा निर्देशक प्रियदर्शन के भी प्रिय अभिनेता और लेखक रहे। करोडों दर्शकों को अपनी लेखनी और अभिनय से गुदगुदाने वाले नीरज की मृत्यु से हिंदी फिल्मजगत की अपूरणीय क्षति हुई है। वे अत्यंत मृदु और सौम्य व्यक्तित्व के धनी फिल्मकार थे। उन्होने कुत धारावाहिकों में भी काम किया जिसमें सर्कस भी शामिल है। नीरज ने हिंदी फिल्मों में कॉमेडी को नए आयाम दिए। अक्षय कुमार, परेश रावल के केरियर को उनकी लेखनी ने नई उडान दी।

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