दिल्ली कविता मण्डल का तृतीय वार्षिकोत्सव संपन्न

रविवार दिनांक २५ मार्च २०१८ को विष्णु दिगंबर मार्ग पर स्थित दिल्ली के हिन्दी भवन में द्वारका की साहित्यिक संस्था दिल्ली कविता मंडल (DELHI POETRY CIRCLE) के तृतीय वार्षिकोत्सव के अवसर पर एक अनूठे साहित्यिक कार्यक्रम “काव्य मंजूषा” का आयोजन किया गया l दिल्ली कविता मंडल के अन्य कार्यक्रमों की भाँति इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भी नवोदित कवियों का पथ प्रशस्त करना और उनका मनोबल बढ़ाना ही था l कार्यक्रम को दो सत्रों में विभाजित किया गया था l प्रथम सत्र, “काव्य उत्कर्ष”, में पाँच वरिष्ठ रचनाकारों –- श्री बालस्वरूप राही, श्री लक्ष्मी शंकर बाजपेई, डॉ. कीर्ति काले, डॉ. रेखा व्यास व श्री प्रेम बिहारी मिश्र एवं पाँच नवोदित कवियों — श्री ओम प्रकाश कल्याणे, सुश्री कल्पना शुक्ला, श्री दास आरूही आनंद, श्री मुकुल सिंह चौहान तथा श्री अभिषेक कुमार अम्बर का कविता पाठ हुआ l काव्य पाठ इतना मनोहारी तथा प्रभावी था कि श्रोताओं से ठसाठस भरा हुआ सभागार निरंतर तालियों की गड़गड़ाहट से गूँजता रहा l अधिकाँश श्रोता स्वयं जाने माने कवि एवं साहित्यकार अथवा साहित्य प्रेमी ही थे l इस कार्यक्रम की यह विशेषता भी थी कि नवोदित कवियों को अंतर्राष्ट्रीय कवियों के साथ समान रूप से सम्मानित करके मंच साझा कराया गया l कार्यक्रम का आरम्भ श्री जितेन्द्र सुकुमार की सुमधुर सरस्वती वंदना से हुआ, संचालन अंतर्राष्ट्रीय कवयित्री व प्रसिद्ध मंच संचालिका डॉ. कीर्ति काले ने किया l गत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी दिल्ली कविता मंडल के इस वार्षिकोत्सव कार्यक्रम को दिल्ली दूरदर्शन एवं अन्य चैनलों द्वारा प्रसारण हेतु रिकॉर्ड किया गया l 

मंचासीन सभी वरिष्ठ कवियों ने नवोदित कवियों को प्रेरणा देने और उनका ज्ञान, उत्साह व मनोबल बढाते रहने की दिशा में दिल्ली कविता मंडल के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की l मंच साझा कर रहे किशोर कवियों को संबोधित करते हुए आदरणीय बालस्वरूप राही ने अपनी किशोरावस्था के आनंददाई और प्रेरक संस्मरण सुनाए वहीं आदरणीय लक्ष्मी शंकर बाजपेई ने कवि मंचों के स्तर में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी नवोदित कवियों को रचनाधर्मिता के उत्तम परामर्श दिए l संस्था के अध्यक्ष श्री प्रेम बिहारी मिश्र एवं उपाध्यक्षा डॉ. कीर्ति काले ने नवोदित कवियों का मनोबल बढ़ाते रहने की दिशा में दिल्ली कविता मंडल द्वारा किये जा रहे प्रयासों से अवगत कराया वहीं श्री मिश्र के कवितामई अध्यक्षीय स्वागत भाषण का सभी श्रोताओं ने भरपूर स्वागत किया l स्वागत प्रक्रिया के मध्य इंग्लैण्ड से पधारे साहित्यकार श्री नरेंद्र ग्रोवर का विशेष स्वागत-सम्मान किया गया l अंत के अनौपचारिक वार्तालाप में श्री ग्रोवर ने बड़े भावुकतापूर्ण शब्दों में मन के उदगार उजागर करते हुए कहा कि यद्यपि इंग्लैंड में भी भारतीय एवं वहाँ के स्थानीय कवियों के कार्यक्रम होते रहते हैं किन्तु ऐसा विलक्षण कार्यक्रम उन्हें वहाँ देखने-सुनने को कभी नहीं मिला l

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में श्री राही और बाजपेई इत्यादि वरिष्ठ कवियों की मंच पर उपस्थिति में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया । गोष्ठी का संचालन नवोदित कवियों का मनोबल तथा आत्मविश्वास बढ़ाने की प्रक्रिया के अंतर्गत ही दिल्ली कविता मण्डल के सक्रिय सदस्य एवं युवा कवि पंकज शर्मा ने किया l इस गोष्ठी के दौरान श्रोताओं में उपस्थित वरिष्ठ रचनाकार सुश्री रश्मि मल्होत्रा, सुश्री ममता किरण बाजपेई, सुश्री तूलिका सेठ, श्रीमती इंदु निगम, श्री राजेंद्र निगम, श्री अनुराग ओझा, डॉ. पंकज श्याम, सुश्री प्रवेश धवन, सुश्री सुलेखा मिश्र, श्री बी.एल. बत्रा, सुश्री सूक्ष्मलता महाजन, श्री जितेन्द्र सुकुमार, श्री नेतराम भारती, श्री अमरेन्द्र कचनार, श्री कृष्णा माल्या इत्यादि रचनाकारों ने उच्च स्तरीय कविता पाठ किया l कार्यक्रम अत्यन्त सार्थक एवं सफल रहा।

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