सुख दुख के साथी संस्था ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस


द्वारका में बुजुगों की संस्था “सुख दुःख के साथी” ने द्वारका सेक्टर-२३ के न्यू कंचनजंगा अपार्टमेंट्स के सामुदायिक भवन में विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया l संस्था के सचिव और कार्यक्रम समन्वयक डी.सी. माथुर ने बताया कि यह संस्था इस वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन सन २०१० में संस्था की स्थापना के समय से ही करती चली आ रही है l इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर दिल्ली विकास प्राधिकरण के उप निदेशक ज़मील अहमद उपस्थित थे l मुख्य वक्ता के तौर पर पर्यावरण कानून में विशेषज्ञता प्राप्त इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अमर पाल सिंह को आमन्त्रित किया गया था l अन्य वक्ताओं में सक्रिय पर्यावरणविद रमेश मुमुक्षु और दीवान सिंह आमन्त्रित थे l

संस्था के महासचिव और हिन्दी के जाने-माने कवि प्रेम बिहारी मिश्र की स्वरचित सरस्वती वन्दना और तत्पश्चात पंजाबी में एन.एस. बेदी के पर्यावरण सम्बन्धी शबद पाठ से हुआ l

कार्यक्रम का आरम्भ संस्था के महासचिव और हिन्दी के जाने-माने कवि प्रेम बिहारी मिश्र की स्वरचित सरस्वती वन्दना और तत्पश्चात पंजाबी में एन.एस. बेदी के पर्यावरण सम्बन्धी शबद पाठ से हुआ l

अपने स्वागत भाषण में संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष कैप्टेन एस. एस. मान ने अतिथितियों का स्वागत करते हुए आज के कार्यक्रम की पृष्ठभूमि से अवगत कराया l कार्यक्रम के मंच संचालक दर्शन कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के संक्षिप्त इतिहास पर प्रकाश डाला वहीं न्यू कंचनजंगा अपार्टमेंट्स के प्रेसीडेंट कुलदीप सिंह ने सुख दुःख के साथी संस्था के कार्यों की प्रशंसा करते हुए इस कार्यक्रम को उनकी सोसाइटी में आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य में अपना सहयोग देते रहने का वचन दिया l


वक्तव्यों की श्रंखला को आरम्भ करते हुए संस्था के महासचिव श्री मिश्र ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का उद्देश्य विश्व में पर्यावरण सरंक्षण के प्रति जागरूकता लाना और उसके लिए सक्षम व सकारात्मक प्रथाओं को बढ़ावा देना है और सुख दुःख के साथी संस्था के उद्देश्यों में भी अपने सीमित कार्यक्षेत्र में इसी उद्देश्य की प्राथमिकता है l इसके साथ ही श्री मिश्र ने इस दिशा में संस्था के द्वारा किये जाने वाले प्रयासों पर प्रकाश डाला l मुख्य वक्ता प्रोफेसर ए. पी. सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारतीय वेद शाश्त्रों से चली आ रही भारतीय विवस्थाओं एवं परम्पराओं का उल्लेख करते हुए भारत में पर्यावरण सम्बंधित कानूनों के बारे में विस्तार से बताते हुए आम जनता से इस क्षेत्र में सहभागिता की संभावनाओं की प्रभावशाली विवेचना की l श्री रमेश मुमुक्षु ने पानी की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए आम आदमी के उत्तरदायित्व, भारतीय नदियों की स्थिति एवं पर्यावरण में नदियों के योगदान के ऊपर सूचनात्मक और प्रभावी वक्तव्य दिया l श्री दीवान सिंह ने अपने भाषण में दिल्ली और आस-पास के राज्यों में पानी की स्थिति, जमीन से पानी उपलब्ध कराने में प्राकृतिक जोहड़ (वाटर बॉडीज) का महत्त्व, उनके पुनरुत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों और उनमें आ रही बाधाओं का उल्लेख करते हुए नई पीढ़ी को जागरूक करने की आवश्कता पर बल दिया l


कार्यक्रम के बीच-बीच में न्यू कंचनजंगा अपार्टमेंट्स एवं संस्था के सदस्यों के बच्चों ने पर्यावरण विषय पर कविताएँ एवं वार्ताएँ प्रस्तुत कीं तथा इसी विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता में भी भाग लिया l सभी बच्चों को उनकी भागीदारी के लिए पुरस्कृत किया गया l बच्चों के ये कार्यक्रम तैयार कराने के लिए न्यू कंचनजंगा अपार्टमेन्ट की सुश्री ज्योति और सुरभि दत्ता का योगदान साराहनीय रहा l

कार्यक्रम का समापन संस्था के सचिव डी.सी. माथुर के धन्यवाद प्रस्ताव और तत्पश्चात स्वल्पाहार के साथ हुआ l कार्यक्रम आरम्भ करने से पूर्व संस्था के वयोवृद्ध सदस्यों, 90 वर्षीय डॉ. आर. डी. पाराशर एवं 80 वर्षीय डॉ. बी.एम. खन्ना के हाथों वार्षिक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आरम्भ किया गया l

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