कारवाँ गुजर गया गुबार देखते रहे विलक्षण प्रतिभा के धनी थे महान गीतकार नीरज: दयानंद वत्स


अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ के राष्ट्रीय महासचिव दयानंद वत्स ने गीतकार नीरज के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे हिंदी साहित्यिक जगत की अपूरणीय क्षति बताया है। श्री वत्स ने स्वर्गीय श्री गोपाल दास नीरज को कृतज्ञ राष्ट्र की और से अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नीरज के गीतों में मानव मन की भावनाओं का उचित समावेश होता है। जीवन के प्रति उनका भावनात्मक दृष्टिकोण अगाध प्रेम और.उल्लास से भरा रहा है। नीरज के गीतों में सौंदर्य और माधुर्य भरा पडा है। उनकी सकारात्मक सोच का प्रभाव उनके गीतों में स्पष्ट परिलक्षित होता है।

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