बाबा साहेब भारत रत्न बी.आर. अम्बेडकर 63वें महापरिनिर्वाण दिवस पर शत शत नमन

आज दिनांक 6 दिसंबर 2018 को सेक्टर-1 द्वारका में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अल्पसंख्यक एवं ओ.बी.सी. विभाग, दिल्ली सरकार, श्री ज्ञान गंगोत्री विकास संस्था एवं राईट विजन हैडिंकेप वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वाधान में भारत रत्न बाबा साहेब डाॅ. बी. आर. अम्बेडकर जी के 63वें महापरिनिर्वाण दिवस पर बाबा साहेेब के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित की गई। इस अवसर पर संस्था के बच्चों द्वारा चित्रकला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका भारी संख्या में लोगांे ने लुत्फ उठाया। आगे सामाजिक कार्यकर्ता भाई बी.के.सिंह बताया कि संस्था पिछले 18 वर्षांे से विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करती आ रही है। संस्था के अथक प्रयास और दिल्ली सरकार के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विभिन्न संगठनों से समाजसेवी एवं नागरिकों ने भाग लिया और अपने विचारों को व्यक्त किया और बताया कि श्री ज्ञान गंगोत्री विकास संस्था हर क्षेत्र में अग्रसर होकर अपना योगदान सत्यनिष्ठा, कर्तव्य निष्ठा के साथ कर रही है। कार्यक्रम में मेजर आर.वी.यादव ने बताया कि मैं पहले शराब का आदि था परन्तु इस संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम को देखकर 2012 से मैंने पूर्ण रूप से शराब का विरोध किया क्योंकि संस्था द्वारा नशा मुक्ति कार्यक्रम का जो आयोजन किया गया था जिसमें मुझे भी बोलने का मौका मिला जबकि मुझे आर्मी कैन्टिन से रियायती दर पर शराब मिलती थी उसे भी मैने त्याग कर बाबा साहब के बताए मार्ग पर आज मैं चल रहा हूँ और मेरा परिवार आज घर में खुशी-खुशी जीवन यापन कर रहा है।

मा. राजेन्द्र गौतम ने अपने विचार में बताया कि 1948 में एक साइमन कमीशन भारत आई और उन्हांेने दिल्ली में देश के बड़े नेताओं के पास रात में लगभग 2 बजे जाना शुरू किया। सबसे पहले भारत के गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के घर गई तो वह सो रहे थे और उनके द्वारपाल ने कहा कि यह कौन सा समय है किसी से मिलने का, फिर कमीशन पंडित नेहरू जी के पास गई नेहरू जी के भी द्वारपाल ने यही जवाब कमीशन को दिया। फिर कमीशन के लोग लगभग 2ः30 बजे बाबा साहब से मिलने के लिए अलीपुर रोड़ दिल्ली में गई तो उनका द्वारपाल ने कहा कि आप थोड़ी देर रूकिये मैं पुछ के आता हूँ क्योंकि साहब कुछ लिख-पढ़ रहे हैं। द्वारपाल ने बाबा साहब को बताया कि कुछ लोंग आपसे मिलना चाहते हैं और बाहर खड़े है बाबा साहब ने कहा कि उन्हंे अन्दर लेकर आए। जब कमीशन के लोग अन्दर आए तो उन लोगों ने बाबा साहब से पूछा कि देश के तमाम बड़े नेता से हम लोग मिलने के लिए गए वह लोग सो रहे हैं और आप क्यों जाग रहे हैं। बाबा साहब ने जवाब दिया कि वह लोग इसलिए सो रहे हैं कि उनके बहुत सारे लोग जागरूक है और अपने हक अधिकार को समझ चुके है हम इसलिए जाग रहे हैं क्योंकि हमारा समाज अभी भी सोया हुआ है, जब तक इस देश में जाति, धर्म, छुआछूत, भेदभाव खत्म नहीं होगा तब तक मैं जागता रहूँगा।

कार्यक्रम में संस्था की मानद् महासचिव रानी सिंह ने बताया कि एक बार एक जंगल में भ्ंायकर आग लगी हुई थी और हर तरह के लोंग उस आग को बुझाने मंे अपने-अपने तरीका से अपना योगदान कर रहंे थे उसी जंगल में एक गौरिया घौसलर बना कर रहती थी। आग को देखकर वह भी बहुत परेशान थी और बगल के तलाब से अपनी चोंच मंे पानी भरकर लाती थी और उस आग को बुझाने में अपना योगदान करती थी। उसी बीच जंगल में 2 कौआ ने गौरया का मजाक बनाना शुरू किया, कि क्या इसकी चोंच की एक बूँद के पानी से आग बुझ सकती है। तो मेरा उदाहरण यह है कि सामाजिक कार्यक्रता अपना प्रयास हर क्षेत्र में सफलता के लिए करता है ‘एक न एक दिन उसे जरूर कामयाबी मिलती है‘।

संस्था की प्रोग्राम अधिकारी ज्योति पासवान ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागारिकों का अभिवादन करते हुए बताया कि आज बाबा साहब की ही देन है कि दिल्ली सरकार द्वारा भी उनका जन्मदिन और महापरिनिर्वाण दिवस आयोजित करने का संस्था को मौका मिला। इस कार्यक्रम में श्रीमती हेमा विष्ट ने बताया कि सामाजिक संगठन एक ऐसी व्यवस्था बन गयी है कि हर क्षेत्र में लोगों को जागरूक कर उनका हक और अधिकार की बात कर रही है। हैलो भोजपुरी प़ि़़़़़़़़त्रका के संपादक राजकुमार अनुरागी ने बताया कि संस्था के संस्थापक महासचिव भाई बी. के. सिंह का कार्यक्रम में आने पर यह महसूस होता है कि इनका संगठन सामाजिक क्षेत्र में अग्रसर होकर कार्य कर रही है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आर.एन.राय ने बताया कि आज देश मंे मदिंर मस्जिद गुरूद्वारा या बड़े-बड़े मूर्ति लगाने से देश का विकास नही होगा। आज जरूरत है स्कूल, काॅलेज और मेड़िकल सुविधाओं को आगे बढ़ाने की क्योकिं बाबा साहब का सविंधान हमें शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करने का पाठ पढ़ाती है। कार्यक्रम में विरेन्द्र कुमार चैधरी, सुशील कुमार कर्ण, गोरी यादव, रितु सिंह, कुसुम सक्सेना, दिलशाद जहान, अंजली कुमारी, तन्नु, शंकर दास, ए.पी.राय, पंकज विष्ठ, कमलजीत सिंह सौरभ, भुल्लर प्रसाद प्रजापति और लगभग 500 नागरिकों ने कार्यक्रम को देखा और अपने मुख बिन्दु से प्रशंसा किया।

भवदीया

ज्योती कुमारी
प्रोग्राम आॅफिसर
श्री ज्ञान गंगोत्री विकास संस्था

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