62वें परिनिर्वाण दिवस पर डॉ. अम्बेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित


अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ के तत्वावधान में आज संघ के मुख्यालय बरवाला में संघ के राष्ट्रीय महामंत्री दयानंद वत्स की अध्यक्षता में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर का 62वां परिनिर्वाण दिवस सादगी और श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। वत्स ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र की और से अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अपने संबोधन में श्री दयानंद वत्स ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर सामाजिक चेतना के अग्रदूत थे। उन्होने आजीवन समानता, न्याय और शिक्षा के महत्व पर बल दिया। उन्होंने समाज में फैली अस्पृश्यता, छूआछूत, जातिगत भेदभाव और विषमताओं के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की और समाज के दबे, कुचले, शोषित, पीडित दलित समाज के सामाजिक पुनरुत्थान के लिए समानता ओर सम्मान की लडाई लडी। डॉ. अम्बेडकर एक महामानव थे, उनका नारा था शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। वे देश में भेदभाव रहित समतामूलक समाज की स्थापना करना चाहते थे। डॉ. अम्बेडकर स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून और.न्याय मंत्री रहे। भारत के संविधान के निर्माता के रुप में उनको आदर के साथ याद किया जाता है। श्री वत्स ने इस अवसर पर डॉ. अम्बेडकर के सपनों का भारत बनाने.और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

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