राजेंद्र प्रभु को सीएसआईआर के सभागार में भावभीनी श्रद्धांजलि

नयी दिल्ली ( 10 फ़रवरी, 2019): वरिष्ठ पत्रकार एवं दिल्ली पत्रकार संघ व नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स इंडिया के संस्थापक सदस्य राजेंद्र प्रभु को शनिवार 9 फरवरी 2019 को राजधानी दिल्ली में एक सादे समारोह में देश के शीर्ष पत्रकार संगठनों, विज्ञान-प्रौद्योगिकी लेखकों, मीडिया ट्रेड यूनियन नेताओं और सरकार के प्रतिनिधियों ने भावभीनी श्रंद्धांजलि अर्पित की।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले संस्थान सीएसआईआर के शांति स्वरुप भटनागर सभागार में मीडिया ट्रेड यूनियन और विज्ञान पत्रकारिता के क्षेत्र में राजेंद्र प्रभु की अद्वितीय सेवाओं को याद किया गया। विज्ञान लेखन को लोकप्रिय बनाने और पत्रकारों को इस दिशा में प्रेरित व प्रशिक्षित करने में प्रभुजी के महती योगदान को याद करने के लिए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री डॉ हर्ष वर्धन विशेष् रूप से आए थे।

प्रेरणा सभा के रूप में आयोजित इस सभा में  दिल्ली पत्रकार संघ व नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स इंडिया के प्रतिनिधियों के अलावा इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट़स, इंडियन जर्नलिस्टस यूनियन, वर्किंग जर्नलिस्टस ऑफ इंडिया,  प्रेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया, लघु समाचार पत्र संगठन, उपजा, चंडीगढ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अलावा भारतीय मजदूर संघ का शीर्ष नेतृत्व उपस्थित था। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, झारखण्ड, ओडिशा, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश  और अन्य राज्यों की सम्बद्ध एसोसिएशनों ने भी इस अवसर पर प्रभु जी के लिए श्रद्धांजलि संदेश भेजे. । इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के अध्यक्ष के विक्रमराव ने भी शोक संदेश भेजा । इस अवसर पर एनयूजे के संस्थापक सदस्य डा नंद किशोर त्रिखा, पांचजन्य के पूर्व संपादक देवेंद स्वरुप, पूर्व मीडिया ट्रेड यूनियनिस्ट और संवाद समिति यूनीवार्ता के पूर्व समाचार संपादक बनारसी सिंह व वरिष्ठ पत्रकार पपनै को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन के महानिदेशक के.जी. सुरेश ने राजेंद्र प्रभु की स्मृति में प्रतिवर्ष विज्ञान पत्रकारिता को समर्पित एक स्मृति व्याख्यान आयोजित करने की घोषणा की। इस पहल का केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन एवं सभी पत्रकारों ने स्वागत किया । उन्होंने कहा कि पहला स्मृति व्याख्यान अगले माह मार्च में आयोजित किया जायेगा।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने राजेंद्र प्रभु के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों का जिक्र करते हुए उनके विज्ञान पत्रकारिता में योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि यह स्मृति सभा वास्तव में प्रेरणा सभा है जहाँ से सभी को देशहित एवं पत्रकार हित में काम करने की प्रेरणा ग्रहण करके जाना चाहिए। देश के प्रतिष्ठित विज्ञान पत्रकार श्री पल्लव वाघला ने राजेंद्र प्रभु के विज्ञान पत्रकारिता को पुष्ट करने के प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रभुजी उनके द्वारा लिखी खबरों को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें सुझाव दिया किया करते थे।

इस अवसर पर देश के सबसे बड़े मजदूर संगठन भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी.के. सजीनारायण ने सभी पत्रकार संगठनों का आह्वान किया कि आज सभी मजदूर संगठनों की ‘बारगेनिंग पॉवर’ कम हो रही है। इसलिए सभी पत्रकार संगठनों को मिलकर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। इस आह्वान का नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट इंडिया के महासचिव श्री मनोज वर्मा ने स्वागत किया।

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स एवं इंडियन यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स की प्रतिनिधि शबीना इन्द्रजीत ने भी इस बात पर जोर दिया की सभी पत्रकार संगठनों को मिलकर पत्रकार हितों के लिये संघर्ष करना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो ये राजेंद्र प्रभु के छः दशक के प्रयासों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मीडिया वेतन आयोग के लिए गठित पत्रकार संगठनों की कन्फ़ेडरेशन के नेता श्री एम.एस. यादव ने कहा कि मीडिया ट्रेड यूनियन ने अपना एक जुझारू साथी खो दिया है । दूसरा राजेंद्र प्रभु पैदा नहीं होगा। उन्होंने भी सभी पत्रकार संगठनों को मिलकर काम करने का आह्वान किया। प्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं प्रेस परिषद् के सदस्य श्री जयशंकर गुप्ता ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की । बैंक कर्मियों के नेता अश्विनी राणा ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।

श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत में नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक मलिक ने राजेंद्र प्रभु के जीवन, उनके पत्रकारिता में योगदान एवं पत्रकार हितों के लिए उनके छह दशक के संघर्ष का जिक्र किया। एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मनोज मिश्र ने प्रभु जी के साथ बिताये पलों का स्मरण किया। कोषाध्यक्ष श्री राकेश आर्य ने बताया कि किस प्रकार प्रभुजी हॉस्पिटल में भी एनयूजे (आई) एवं पत्रकार हितों के लिए ही चिंतित थे। एनयूजे (आई) के सचिव श्री रमेश चंद जैन ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

एनयूजे स्कूल ऑफ जर्नलिज्म के चेयरमैन श्री विजय क्रांति ने कहा कि प्रभुजी के अधूरे कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। एनयूजे (आई) के वरिष्ठ नेता श्री के.एन गुप्ता ने प्रभुजी के साथ बिताये चार दशक से अधिक समय का स्मरण किया। एनयूजे (आई) के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय नंद किशोर त्रिखा के सुपुत्र श्री राकेश त्रिखा ने कहा कि भारत सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार की मृत्यु के बाद उनके परिवारजनों को अत्यधिक कष्ट का सामना करना पड़ता है। इसलिए उनके परिवारजनों की चिंता करने की जरूरत है।

दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष श्री मनोहर सिंह ने राजेंद्र प्रभु को एक कर्मयोगी बताया और कहा कि जिन मूल्यों एवं आदर्शों के लिए प्रभुजी ने जीवनभर संघर्ष किया उनके लिए दिल्ली पत्रकार संघ सदैव प्रयासरत रहेगा। इस अवसर पर दिल्ली पत्रकार संघ के महासचिव डॉ प्रमोद कुमार ने कहा कि आज पत्रकार यदि सम्मानपूर्वक जीवन बिता पा रहे हैं तो इसमें राजेंद्र प्रभु जी जैसे पत्रकार नेताओं का बड़ा योगदान हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मनीषी पत्रकार नेताओं से प्रेरणा ग्रहण करते हुए संघर्ष की यह मशाल जलती रहनी चाहिए।

इस अवसर पर राजेंद्र प्रभुजी की पत्नी श्रीमती ग्रेसी प्रभु, उनके पुत्र, पुत्रियाँ,  परिवारजन तथा रिश्तेदार भी उपस्थित थे। प्रभुजी की बेटी निवेदिता प्रभु ने परिवार की ओर से श्रंद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभुजी जी के जीवन के अनेक अनछुए पहलुओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके लिए एनयूजे (आई) उनके परिवार से भी ऊपर था और उसके लिए वे अंतिम समय तक चिंतित थे। इस अवसर पर दिल्ली पत्रकार संघ के वरिष्ठ नेता श्री हेमंत विश्नोई, श्री अरविंद कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष श्री नेत्रपाल शर्मा, सचिव श्री संजीव सिन्हा एवं श्री सचिन बुधोलिया, कार्यकारिणी सदस्य श्री उमेश चतुर्वेदी, श्री हर्ष वर्धन त्रिपाठी, संतोष सूर्यवंशी, श्रीनाथ मेहरा, सगीर अहमद सहित वरिष्ठ पत्रकार निशि भाट, विजयलक्ष्मी, श्री हरिओम गुप्ता, महेश, अमलेश राजू और 150 से अधिक पत्रकार उपस्थित थे।

जारीकर्ता: दिनेश कुमार यादव, कार्यालय सचिव
दिल्ली पत्रकार संघ

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