हमारी ताकत हमारी ईमानदारी है, जीवन में नकारात्मक चीजों से दूर रहना चाहिए : कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर

नई दिल्ली। मैंने कभी कुछ गलत लिया नहीं इसलिए यह भय बना रहता था। हमारे लिए देश का सम्मान सर्वोपरि है।” खेल मंत्री ने कहा, “हम तो अपना पानी भी फूंक फूंक कर पीते थे। जब मुकाबला बहुत कड़ा हो जाता है तो तमाम आशंकाएं बनी रहती हैं। इसलिए आप खुद भी एलर्ट रहे और अपने साथियों को भी एलर्ट रखें। आप शीशे के सामने खुद को गर्व से देखकर कह सकें कि आप ईमानदार हैं। बेईमानी से जीत का कोई फायदा नहीं क्योंकि आप खुद से नजरें नहीं मिला पाएंगे।” उन्होंने कहा, “आपको हारने से नहीं डरना चाहिए। हारने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है और आप जीवन में मजबूती से आगे बढ़ सकते हैं। खिलाड़ी को अपने जीवन में नकारात्मक चीजों से दूर रहना चाहिए और चुनौती को काबू करना सीखना चाहिए तभी आप चैंपियन बन पाएंगे।”   यह विचार भारत सरकार के युवा और खेल मामलों के केंद्रीय मंत्री स्वतंत्र प्रभार कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने नेशनल डोपिंग एजेंसी ने फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन के साथ मिलकर एंटी डोपिंग पर दो दिवसीय कार्यशाला में  देशभर से आये शारीरिक शिक्षकों ,खेल प्रशिक्षकों,खिलाडियों को सम्बोधित करते हुए प्रकट किये।”

खेल मंत्री ने कहा, “हम तो अपना पानी भी फूंक फूंक कर पीते थे। जब मुकाबला बहुत कड़ा हो जाता है तो तमाम आशंकाएं बनी रहती हैं। इसलिए आप खुद भी एलर्ट रहे और अपने साथियों को भी एलर्ट रखें। आप शीशे के सामने खुद को गर्व से देखकर कह सकें कि आप ईमानदार हैं। बेईमानी से जीत का कोई फायदा नहीं क्योंकि आप खुद से नजरें नहीं मिला पाएंगे।” उन्होंने कहा, “आपको हारने से नहीं डरना चाहिए। हारने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है और आप जीवन में मजबूती से आगे बढ़ सकते हैं। खिलाड़ी को अपने जीवन में नकारात्मक चीजों से दूर रहना चाहिए और चुनौती को काबू करना सीखना चाहिए तभी आप चैंपियन बन पाएंगे। कर्नल राज्य वर्धन ने डोपिंग के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते समय में खिलाडी  नेम व फेम के लिए एनाबॉलिक-स्टेरॉइड का इस्तेमाल करते हैं। इसके नशे में शरीर में स्टेमिना व ताकत की बढ़ोतरी के अहसास होता है। लेकिन इसके प्रभाव के दुष्प्रभाव लंबे समय में न सिर्फ ताकत व स्टेमिना पर विपरीत असर डालते हैं, बल्कि पकड़े जाने पर कैरिअर के साथ ही सामाजिक जीवन को भी बर्बाद कर देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी ताकत हमारी ईमानदारी है।  

इस मौके पर दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी,भारतीय खेल प्राधिकरण की महानिदेशक श्रीमती नीलम कपूर,नेशनल डोपिंग एजेंसी नाडा के महानिदेशक डॉ.नवीन अग्रवाल,पेफी के सचिव डॉ पीयूष जैन उपस्थित रहे। इस मौके पर कर्नल राज्य वर्धन ने कहा कि हर खिलाडी के जीवन में चुनौतियां आती हैं लेकिन उन चुनौतियों का सामना सही निर्णय से करके आगे बढ़ाना ही विजेता होने निशानी है।आज हमें यह प्रण लेना होगा की हम एंटी डोपिंग के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलकर खिलाडियों और खेल प्रेमियों को डोपिंग के कलंक से मुक्त करके रहेंगे। इस मौके पर छह बार की विश्व विजेता एवं ओलम्पिक पदक विजेता खिलाड़ी और राज्यसभा सांसद मैरी कॉम ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज जो सम्मान और पैसा खिलाडियों को मिल रहा है उससे प्रभावित होकर कई युवा अपनी क्षमता और प्रदर्शन बेहतर करने के चक्कर में गलत दवाइयां लेते हैं जो प्रसिद्धि दिलाने की अपेक्षा उन्हें कलंक और स्वास्थ्य का नुकसान करके कीमत चुकानी पड़ती है।कहा कि खिलाड़ियों को डोपिंग की दलदल में धकेलने के लिए कई बार कोच भी जिम्मेदार होते हैं और कोचों को भी जागरूक किये जाने की सख्त जरूरत है। मैरीकॉम ने  कहा, कोचों को भी जागरूक करने की जरूरत है। कोई-कोई कोच एथलीटों को गलत दिशा में ले जाता है। कोच जागरूक होंगे तो डोपिंग के मामले कम होंगे। पिछले साल अपना छठा विश्व खिताब जीतने वाली मैरीकॉम ने कहा, एथलीट भी जल्द कामयाबी हासिल करने के लिए डोपिंग का सहारा लेते हैं लेकिन वह यह हम भूल जाते हैं कि इससे उनका पूरा करियर बर्बाद हो जाता है। मैरीकॉम ने केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल की मौजूदगी में कहा, नाडा को खिलाड़ियों को कोई जानकारी दिए बिना स्टेडियम और उनके हॉस्टल का दौरा करना चाहिए, उन्हें खिलाड़ियों के कमरों में बहुत कुछ मिलेगा।

ऐसे दौरों से खिलाड़ी भी जागरूक होगा और डोप लेने से बचेगा।चैंपियन मुक्केबाज ने कहा, आज बाजार में सप्लीमेंट्स और इंजेक्शन मिलते हैं जो खिलाड़ियों को नुकसान पहुंच सकते हैं। खिलाड़ियों को इन चीजों से बचाना चाहिए। उन्हें समझना चाहिए कि बड़े खेल आयोजन में किसी भी खिलाड़ी के पकड़े जाने से पूरे देश की बदनामी होती है।मैरीकॉम ने कहा कि वह अपने पूरे करियर में डोपिंग से दूर रही हैं और वह कोई भी दवा अपने डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेती हैं। खिलाड़ी को कोई भी दवा संभल कर लेनी चाहिए क्योंकि खासी- जुखाम की दवा  में भी प्रतिबंधित प्रदार्थ हो सकते हैं। राजधानी में चल रहे राष्ट्रीय शिविर से कुछ समय निकाल कर सम्मेलन में पहुंचीं ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज ने साथ ही कहा कि वह जब तक खेलेंगी देश का नाम रौशन करेंगी। इस कार्यशाला को सफल बनाने के लिए इस कार्यशाला के अवसर पर रोप स्किपिंग फडरेशन ऑफ़ इंडिया के महासचिव निर्देश शर्मा,मीडिया सलाहकार अशोक कुमार निर्भय,पेफी के कोषाध्यक्ष परविंद,उपाध्यक्ष डॉ.सी एस तोमर, संयुक्त सचिव तरुण शर्मा,उपाध्यक्ष आलोक शर्मा समेत खेल ,शिक्षा,पत्रकारिता जगत से जानी मानी हस्तियां उपस्थित थी। पुरे आयोजन को सफल बनाने में लिजेंड्री हॉस्पिटैलिटी के प्रकाश श्रीवास्तव का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

Leave a Reply