108 वीं जयंती पर हिंदी साहित्य के शलाका पुरुष अज्ञेय को श्रद्धा सुमन अर्पित

अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ के तत्वावधान में आज संघ के मुख्यालय बरवाला में संघ  के राष्ट्रीय महामंत्री दयानंद वत्स की अध्यक्षता में हिदीं के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, लेखक, संपादक स्वर्गीय सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय की 108 वीं जयंती सादगी और श्रद्धा पूर्वक मनाई गई। वत्स ने अज्ञेय के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में श्री दयानंद वत्स ने कहा कि अज्ञेय की हिंदी और अंग्रेजी पर समान पकड थी। आँगन पार द्वार पर उन्हें साहित्य अकादमी और कितनी नावों में कितनी बार पर ज्ञानपीठ सम्मान से नवाजा गया। अज्ञेय हिंदी साहित्य के शलाका पुरुष थे। अज्ञेय दिनमान और नवभारत टाइम्स के भी संपादक रहे। अज्ञेय का समूचा साहित्य प्रयोगवाद और आधुनिकता की अद्भुत मिसाल है। अज्ञेय की रचनाधर्मिता देश और काल की सीमाओं से परे है। बहुमुखी.प्रतिभा के धनी अज्ञेय का व्यक्तित्व करिश्माई था।

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