वन महोत्सव के समापन पर आरजेएस की 84वीं बैठक सिलीगुड़ी में , जैविक खेती समय और प्रगतिशील किसानों की मांग

जैविक खेती हमारी कृषि की एक सकारात्मक परंपरा है, इसे सकारात्मक रूप से अपनाया है सिलीगुड़ी के आसपास के कुछ प्रगतिशील किसानों ने । रविवार 7 जुलाई राष्ट्रीय वन महोत्सव के समापन पर  पश्चिम बंगाल के‌ सिलीगुड़ी, संडे हाट परिसर में वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार द्वारा आरजेएस की 84 वीं सकारात्मक बैठक “सकारात्मक पत्रकारिता और जैविक खेती” इस विषय पर आयोजित की गई।इसमें जैविसमाजसेवी किसान, समाजसेवी, विश्वविद्यालय के तकनीकी सलाहकार जैविक खेती की महिला उत्पादक ,सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक आदि सभी लोगों ने सकारात्मक बैठक में अपने अपने विचार व्यक्त किए । जैविक खेती के बारे में इनका कहना था कि भूमि की उर्वरता को ध्यान में रखते हुए जैविक खेती जरूरी है और स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है ।

आरजेएस राम-जानकी संस्थान नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के नेतृत्व में देश के 22 राज्यों में सकारात्मक भारत मिशन चलाया जा रहा है ।इस बात की सराहना बैठक में भाग लेने वाले सभी लोगों ने की। बैठक के शुरू में देश के स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस व दिनेश गुप्ता को स्मरण किया गया ।इसके साथ साथ फिल्मों के जाने माने संगीतकार अनिल विश्वास का जन्मदिन 7 जुलाई के अवसर पर उन्हें भी याद किया गया। अनिल बिस्वास हिंदी और बांग्ला फिल्मों में गीत लिखे और स्वर भी दिए। इन्होंने   किसानों को लेकर भी गीतों की रचना की। बैठक में आर जे एस संस्था द्वारा सकारात्मक भारत अभियान को एक अच्छा प्रयास बताया गया  और 24 जुलाई को दिल्ली में आरजेएस सकारात्मक भारत दिवस मनाने के लिए शुभकामनाएं दीं। जैविक खेती के ऊपर जिन लोगों ने भाग लिया, वह थे समाजसेवी संजय चक्रवर्ती ,जैविक हाट की आयोजक संयुक्ता बसु ,प्रोफेसर अमरेंद्र पांडे एनबी यूनिवर्सिटी सिलीगुड़ी ,अनामिका छेत्री- ऑर्गेनिक ग्रोवर और अनिल कुमार -ऑर्गेनिक ग्रोवर ।इस सकारात्मक बैठक के आयोजक पत्रकार अरुण कुमार ने इस 84 वींआरजेएस सकारात्मक बैठक -जैविक खेती को सफल बनाने के लिए सभी को धन्यवाद दिया और आभार व्यक्त किया.

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