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जी-7ः भारत की चतुराई

डॉ. वेदप्रताप वैदिक जी-7 याने सात राष्ट्रों के समूह का जो सम्मेलन अभी ब्रिटेन में हुआ, उसमें भारत, दक्षिण अफ्रीका, द. कोरिया और आस्ट्रेलिया को भी अतिथि के रुप …

श्रेय छीनने की होड़ !

समय के हर गुजरते पल २ के साथ हमारी ज़िन्दगी की घटनाएँ  हमारी समृति पटल पर निरंतर जुड़ती रहती हैं, अंकित होती रहती हैं , और कुच्छ अर्सा बीत …

कोरोना संकट में संबल बनी पत्रकारिता

-प्रो.संजय द्विवेदी       कोविड-19 के दौर में हम तमाम प्रश्नों से घिरे हैं। अंग्रेजी पत्रकारिता ने अपने सीमित और विशेष पाठक वर्ग के कारण अपने संकटों से कुछ निजात …

जितिनः भाजपा बन रही कांग्रेस

डॉ. वेदप्रताप वैदिक प्रसिद्ध कांग्रेसी नेता जितेंद्रप्रसाद के बेटे और पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद के भाजपा-प्रवेश ने हलचल-सी मचा दी है। हमें इस घटना को पहले दो दृष्टियों से …

राजद्रोह- दुआ और रामदेव

डॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत में राजद्रोह एक मजाक बनकर रह गया है। अभी तीन-चार दिन पहले ही सर्वोच्च न्यायालय ने आंध्र के एक सांसद के खिलाफ लगाए राजद्रोह के …

ब्रिक्स में बजा भारत का डंका

डॉ. वेदप्रताप वैदिक पांच देशों के संगठन ‘ब्रिक्स’ की अध्यक्षता इस साल भारत कर रहा है। भारत, ब्राजील, रुस, चीन और दक्षिण अफ्रीका– इन पांच देशों के इस संगठन …

किसे राजद्रोह कहें और किसे नहीं ?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक राजद्रोह से अधिक गंभीर अपराध क्या हो सकता है, खास तौर से जब किसी देश में किसी राजा का नहीं, जनता का शासन हो। लोकतंत्र में …

बनिए कर्मयोगी, जिंदगी मुस्कुराएगी

बनिए कर्मयोगी, जिंदगी मुस्कुराएगी. जीवन महान संभावनाओं से भरा है इसे यूं न गवाएं. -प्रो. संजय द्विवेदी       कर्म की महत्ता अनंत है। हमारी परंपरा इसे ‘कर्मयोग’ कहकर संबोधित करती है। …

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर बधाई

डॉ. वेदप्रताप वैदिक 30 मई को भारत में हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। इसी दिन कोलकाता से 1826 में याने 195 साल पहले हिंदी का पहला समाचार-पत्र ‘उदंत …

कोरोना आपदा में संक्रमण काल के दौर से गुजर रही है हिंदी पत्रकारिताः दयानंद वत्स

अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ और नेशनल मीडिया नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में आज उत्तर पश्चिम दिल्ली स्थित संघ के मुख्यालय बरवाला में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर …

कोरोनाः भारत की बदनामी ?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक ‘न्यूयार्क टाइम्स’ ऐसी बेसिर-पैर की खबर छाप सकता है, इसका विश्वास मुझे नहीं होता। उसमें 12 विशेषज्ञों के हवाले से यह छापा है कि भारत में …

ए.आई. रहमान और जोशी

डॉ. वेदप्रताप वैदिक इस हफ्ते मैंने अपने दो मित्र खो दिए। एक तो पाकिस्तान के श्री आई.ए. रहमान और दूसरे इंदौर के श्री महेश जोशी ! ये दोनों अपने …

स्वास्तिकः हमारा या हिटलर का ?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक अमेरिका के मेरीलेंड नामक प्रांत की विधानसभा में एक ऐसा विधेयक लाया गया है, जो भारतीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत पैदा कर सकता है। वह …

कल्याणकारी सत्यशोधक समाज !

महात्मा ज्योतिबा फूले (1827 से 1890) 19वीं सदी का प्रमुख समाज सेवक, महान विचारक, विद्वान, दार्शनिक और एक क्रन्तिकारी नेता थे, जिन्होंने भारतीय समाज में फ़ैली अनेक समाजिक कुरूतियों / बुराईयों को …

बाबा साहेब का महाड़ सत्याग्रह !

वैसे तो सत्तरहवीं सदी के शुरू में ही अंग्रेज भारत आ गए थे, उन्होंने शुरुआत में तो यही बोला था कि वह हमारे देश में कारोबार करने आए हैं, लेकिन …