प्रथम भारतीय कुश्ती कोच का नई दिल्ली से अमेरिका के न्यूजर्सी तक का सफर

संजीव कुमार 


खेल कोई भी हो समय समय पर भारतीय खिलाड़ी अपने हुनर और सफलताओं से भारत को गौरवांवित करते ही रहते हैं। और इस समय ये मौका दिया है नई दिल्ली के कुश्ती कोच अनिल कुमार शर्मा ने। इस कढ़ी को जारी रखते हुए अनिल कुमार शर्मा ने अमेरिका में हासिल की अपनी उपलब्धियों व कोैशल से भारतीय कुश्ती इतिहास में सफलता की जो कहानी लिखी है, उससे अपने परिवार सहित भारत देश को भी गर्वित होने का मौका दिया है। अनिल कुमार शर्मा FILA International Federation of Associated Wrestling Styles (Fédération Internationale des Luttes Associées) से क्वाॅलिफाईड प्रथम भारतीय कुश्ती कोच हैं, जो भारतीय कुश्ती क्षेत्र में इतिहास रचते हुए पहली बार विदेशी धरती न्यूजर्सी अमेरिका के सबसे बड़े कोचिंग क्लिनिक का हिस्सा बनने जा रहे हैं। अगर बात भारत की कि जाए तो अनिल शर्मा ने दिल्ली के कई बच्चों को पहलवानी की कोचिंग दी है। इनके प्रशिक्षण में इनके शिष्य दीपक, अभिषेक, विशाल, नवीन और प्रदीप ने जूनियर और सबजूनियर स्तर पर आयोजित हुई कुश्ती प्रतियोगिताओं में जूनियर लेवल पर नेशनल मेडलिस्ट रहे हैं, और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे हैं। भारत के लिए यह गर्व की बात है कि अनिल कुमार शर्मा न्यूजर्सी के बहुत बड़े रेसलिंग कोचिंग ट्रेनिंग का हिस्सा बनने जा रहे हैं। 
अनिल कुमार शर्मा 
परिवार से दूर लंबे समय तक दूर रहकर अमेरिका में कोचिंग देने के सवाल पर शर्मा ने कहा कि घर से दूर रहकर नए देश व नई जगह पर एक नई जिंदगी शुरू करना मेरे लिए वह एक कठिन समय था। मगर मेरी नई लाइफ, भविष्य और कॅरियर को ध्यान में रखते हुए घर में सभी खुश थे। मेरे लिए यह काफी कड़ा समय रहा है। और फिर जगजाहिर है कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है। अनिल शर्मा बताते है कि दादाजी श्री खड़ग सिंह शर्मा और मेरे पिताजी श्री देवदत्त शर्मा दोनों ही भारत के प्रसिद्ध व ख्यातिप्राप्त पहलवान रहे हैं। एक छोटा बच्चा रहते हुए मुझे वो याद है जब पिताजी कुश्ती के विजेता बनकर आया करते थे तब मैं उन्हें देखा करता था। तब मेरे पिताजी व माताजी हमेशा यही कहते थे कि पहले पढ़ाई पूरी करो उसके बाद ही कुश्ती सीखना। मगर यह खेल तो मेरे खून में ही था।

शर्मा अपनी उपलब्धियों की वजह से अमेरिका के अखबारों की सुर्खियां बटोरते हुए पूरी तरह से अमरिकी मीडिया में छाए हुए हैं। आज अनिल कुमार शर्मा खेल जगत के दूसरे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा व बेहतरीन मिसाल बन गए हैं। 

जोनाथन जाॅनसन जोकि बेस्ट रेसलिंग क्लब कोच आॅफ द ईयर 2012 हैं, RAW&241 के हैड हैं और वर्तमान में चार एनसीएए आॅल अमेरिकन रेसलर्स को कोचिंग दे रहे हैं ने अनिल के बारे में बताते हुए कहा कि अच्छा कोच होने के लिए उसमें इच्छाओं का होना जरूरी है। और स्पष्ट है कि अनिल में ज्यादा करने व पाने की इच्छा है। जाॅनसन ने अनिल की प्रशंसा करते हुए कहा कि अनिल कड़ी मेहनत करने और अपने खेल के प्रति प्रतिबद्ध व श्रृद्धा रखने वाले व्यक्ति हैं। इन्हीं सब खूबियों की वजह से वे बतौर कोच अच्छा कर रहे हैं।
प्रिंस्टन हाई स्कूल के कोच एवं ¼ PAWS ½ प्रिंस्टन अमेट्चर रेसलिंग सोसायटी के डायरेक्टर रेशौन जाॅनसन ने अनिल की तारीफ में बोलते हुए कहा कि अनिल और मैं बहुत समय से अच्छे मित्र हैं। वे काफी होनहार और मेहनती हैं। उनके दांव पेंच की खास शैली है जो उन्हें सबसे अलग और खास बनाती है। यहां पर प्रत्येक व्यक्ति अनिल को काफी पसंद करते हैं। मैं देखता हॅू कि एक भारतीय इस खेल में अच्छा कर रहा है, उनके यहां होने पर मैं बहुत खुश हॅू। अगले सीजन में अनिल शर्मा प्रिंस्टन अमेट्चर रेसलिंग सोसायटी में कोचिंग का प्रशिक्षण देंगे।

अनिल शर्मा सफलता की बुलंदियों पर पहुंचने के बावजूद भी ज़मीन से जुड़े देसी, सरल व सहज और मेहनती शख्सियत हैं। उनकी जिंदगी व कॅरियर में जिन लोगों ने उनका साथ व योगदान दिया वे उन्हें कभी नहीं भूले हैं। उन सभी लोगों को तहेदिल से याद करते व आभार प्रकट करते हुए अनिल शर्मा ने कहा कि मैं उन सभी खिलाड़ियों, गुरू एंव कोचों का धन्यवाद करता हॅू और बधाई देता हॅू जिन्होंने अपने भारतवर्ष का नाम ऊंचा किया। पदमश्री महाबली सतपाल पहलवान अनिल के पसंदीदा पहलवान रहे हैं। उनके शिष्य सुशील, योगेश्वर दत्त और अमित कुमार को हर मुल्क में जाना जाता है। ज्ञातव्य है कि सुशील पहलवान अनिल शर्मा के घनिष्ट मित्र हैं। मैं आभार व्यक्त करता हूॅ इन लोगों का जिन्होंने मेरा हमेशा मार्गदर्शन किया व मेरा हौंसला बढ़ाया। और सर्वप्रथम मेरे पिताजी श्री देवदत्त शर्मा, आदरणीय श्री ब्रजपाल छोकर, मेरे बड़े भाई फोटो जर्नलिस्ट संजीव कुमार, आदरणीय कोच श्री यशवीर जी, श्री विनोद कोच साहब, श्री राजवीर धनखड़, श्री रमेश कोच साहब, अर्जुन पुरस्कार विजेता श्री कृपाशंकर पटेल, महान भारत केसरी श्री जगदीश काली रमण, श्री भूपेश, अंतर्राष्ट्रीय एंव नौशेरवां श्री जेपी पहलवान, श्री अष्विनी पहलवान, भाई अमित त्यागी, प्रवीन त्यागी, राज भाई, पहलवान हिमांशु चैधरी, पहलवान बिजेंद्र लोहिया और पहलवान जोगिंदर ग्रेवाल ने हमेशा मेरी मदद की है।