खुश रहने का मंत्र

मधुरिता मानव अनंत आनंद चाहता है पर वह यह नहीं जनता की उसे कैसे और कहाँ से प्राप्त करें | वह इन्द्रिय सुख को ही विशुद्ध आनंद समझ बैठता …