Category: Articles

Journalism is a passion-Prof. Hansraj Suman

“नेम-फेम से परे रहते पत्रकारिता करना जुनून है ” प्रोफेसर हंसराज सुमन हिंदी पत्रकारिता हो या अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पूरी तरह माहिर। दिल्ली शहर में एक जाना पहचाना …

Black Day for Indian Sports Fraternity by Rajender Sanjwan

खेल मंत्रालय का यह कैसा खेल! (राजेंद्र सजवान)     उच्च न्यायालय के आदेश के बाद खेल मंत्रालय द्वारा वीरवार को 54 राष्ट्रीय खेल संघों की वार्षिक मान्यता वापस लिए …

सोशल मीडिया को कोई मान्यत्ता नहीं बल्कि प्रतिबंधित करे सरकार . .!

www.DwarkaParichay.com Newsdesk पिछले कुछ दिनों से रह रहकर लगातार एक विचार मन में आ रहा है कि किस प्रकार मीडिया और वह भी ऑनलाइन मीडिया के नाम पर यूटयूब …

हिमाचली कवियत्री प्रीति शर्मा असीम को दिल से सलाम

(एस.एस.डोगरा) कुदरत के, करिश्माई नजारों कानाम है “हिमाचल”जल और जीवन का ,सर्द हवाओं का,जड़ी बूटियों मेंसंजीवनी आधार है “हिमाचल”खूबसूरती है कण-कण में,बसा है यह अमरत्व के मन में।जीवन को …

योग- अपनाएं-जीवन में खुशहाली लाएं

(एस.एस.डोगरा) प्रति वर्ष, 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में विश्व भर में मनाया जाता है. यह प्रत्येक  भारतवासी  के लिए गौरव का विषय है. क्योंकि हमारे ऋषि-मुनियों …

कल्याणकारी सत्यशोधक समाज

महात्मा ज्योतिबा फुले (1827 से 1890) 19वीं सदी का प्रमुख समाज सेवक, विचारक, विद्वान, दार्शनिक और एक क्रन्तिकारी नेता थे, जिन्होंने भारतीय समाज में फ़ैली अनेक समाजिक कुरूतियों / बुराईयों को दूर …

सरकार अध्यादेश लाकर प्राइवेट हॉस्पिटलों के दाम तय करें – पम्मा

(द्वारका परिचय न्यूज डेस्क) प्राइवेट हॉस्पिटलों की मनमानी के खिलाफ नेशनल अकाली दल चलाएगा ऑनलाइन मुहिम। जी हां, कोरोना वायरस की आड़ में प्राइवेट हॉस्पिटलों ने मनमानी करनी शुरू …

हिंदी पत्रकारिता ही हिंदी भाषा के आसितत्व को बचा सकती है

(एस.एस.डोगरा)आज यानि 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि आज ही के दिन 30 मई 1826 में ‘उदन्त मार्तण्ड’ के नाम से भारतवर्ष …

रमाबाई अम्बेडकर – डॉ.अम्बेडकर को महापुरुष बनाने वाली महानायिका !

पिछले महीने करोड़ों दलित समाज के भाईओं ने डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी का 129वां जन्म दिवस मनाया है, बाबा साहेब के नाम से लोकप्रिय, वह भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और महान …

क्यों अपने ही घर प्रवास बने हैं हम ?

क्यों अपने ही घर प्रवास बने हैं हम ?चहुंओर कोरोना युक्त अंधेरा है,इसके बीच प्रकाश बने हैं हम।डर लगता है खुद को छूने से,अपनों से गले लगने के आस …

आखिर कौन हो तुम….

नरेश सिंह नयाल(पी ई आई)आदर्श विद्यालयएन आई ई पी वी डी, देहरादून, उत्तराखंड कुछ दिनों से देख रहा थामन कुछ ख़यालों में खोया थाआँखें कई बार रोई हैंआत्मा ने …