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चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री बन भारतवर्ष का नाम देश विदेश में रोशन कर रहा है

(एस. एस. डोगरा)  भारतवर्ष , 15 अगस्त सन 1947 को लाखों शहीदों के बलिदान की बदौलत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद होने पर जश्न मना रहा था. वहीँ आजादी …

14 सितम्बर हिन्दी दिवस – एकता का सूत्र हिन्दी

प्रो. उर्मिला पोरवाल सेठिया बैंगलोर निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।। यानी अपनी भाषा से ही उन्नति सम्भव …

वही सत है, वही आत्मा है

मधुरिता अन्य उपनिषदों की तरह, छान्दोग्य उपनिषद में भी आत्मा, सत, ब्रहृम, परब्रहृम आदि की विवेचना हुई है । इसी संदर्भ में आरूणि तथा श्वेतकेतु का वार्तालाप है ! …

सौदर्य में ऐलोवेरा का महत्व

 शहनाज हुसैन ऐलोवेरा सामान्यत बगीचों तथा घरों में अकसर देखने में मिलता है। वास्तव में यह गमलों में आसानी से उगता है। इसे संस्कृत में घृतकुमारी के नाम से …

अमर शहीद लाला जगत नारायण जी के सपने साकार हो रहें है

-बलिदान दिवस को समर्पित विशेष लेख- (एस. एस. डोगरा) “सच्चे देशभक्त, समाजसेवी, नेता, शिक्षक, साहित्यकार, कलाकार, खिलाड़ी व पत्रकार प्रतेयक समाज, देश व सभ्यता के प्रमुख आईना होते हैं। …

आजाद भारत पर क्या हम आजाद है?

प्रो.उर्मिला पोरवाल “सेठिया”  (बैंगलोर) 15 अगस्त 1947 को भारत की धरती से अंग्रेजों का राज्य समाप्त हो गया। यानि गोरे अपने इंग्लैण्ड वापस चले गये और देश पर अपने …

अध्यात्म क्या है ?

मधुरिता अध्यात्म का अर्थ है अपने भीतर के चेतन तत्व को जानना,मनना और दर्शन करना अर्थात अपने आप के बारे में जानना या आत्मप्रज्ञ होना |गीता के आठवें अध्याय …

मित्रता के मायने

डॉ. सरोज व्यास प्रधानाचार्य, इंदरप्रस्थ विश्व विद्यालय, दिल्ली हैलो ! कौन ? सरोज ! मैं बोल रही हूँ बेबी ! भूल गई या कभी याद भी करती हो मुझे …

अनन्य भक्ति

मधुरीता   भगवान कहते है कि हे – अर्जुन तुमने मेरा जैसा शंख चक्र गदा पद्मधारी चतुर्भुज रूप देखा वैसा रूप वाला मै यज्ञ दान तप आदि के द्वारा …