सिमरन के किरदार से खुश हूँ : नेहा शर्मा

प्रेमबाबू शर्मा

बालीवुड समेत पांच फिल्म इंडास्ट्री का हिस्सा बन चुकी अभिनेत्री नेहा शर्मा ने फिल्म ‘चिरूथा’ में चिरंजीवी के बेटे के साथ काम करके अपने फिल्मी करियर की शुरूआत की। नेहा तेलुगू,तामिल आर कत्रड फिल्म इडास्ट्री में काम कर रही है और बालीवुड में क्रूक,तेरी मेरी प्रेम कहानी और क्या सुपर कूल है हम,जैसी फिल्मों में अपनी सेक्सी गर्ल इमेज से लोगों को लुभाने में कामयाब रही । नेहा शर्मा इन दिनों सुर्खियों में है अपनी नई फिल्म जयंताभाई की लव स्टोरी को लेकर। नेहा अपने फिल्मी करियर को लेकर क्या सेाचती है जानते है उनकी जुबानी।

क्या आप अपनी टाईप्ड छवि से खुश है?
‘मैं नहीं चाहती कि लोग मुझे सिर्फ ग्लैमर का तडका लगाने वाली हीरोइन के तौर पर जानें। हालांकि मैं सेक्सी गर्ल की इमेज से बाहर नहीं निकल सकी हूं लेकिन मैं भरपूर कोशिश कर रही हूं कि खुद को एक्टर के तौर पर स्थापित कर सकूं।

आपकी तीन फिल्म क्रूक ‘तेरी मेरी प्रेम कहानी’ और ‘क्या सुपर कूल है हम’ खास कामयाबी हासिल नही कर पायी ?
मैं बतौर एक्टर अपने काम से खुश हूँ  और उसकी बदौलत मेरे पास अनेकों फिल्मों के प्रस्ताव है।

आप शुरू से ही अभिनय के छेत्र  में आना चाहती थीं,फिर फैशन डिजाइनिगं करने की वजह रही ?
वजह यही थीं कि मेरे घर वाले चाहते थे। मैंने उनकी बात भी रखी। लेकिन बाद में जब मुझे फिल्मों में मौका मिला तो मैं इंकार नही कर पायी।


फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर टिके रहने पर आपका नजरिया ?
जयंता भाई में तो आपने जमकर अंग प्रदर्शन किया है ?

आप ऐसा तो नही कह सकते । मेरा मानना है कि किसी भी फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर टिके रहने का सबसे सफल मंत्र है कि फिल्म में एक सीमा तक सेक्स व कामुकता को दर्शाया जाए। उसमे  एक हद तक सेक्स व कामुकता को परोसा है, ताकि फिल्म की कहानी भी उसमें रोचक बनी रही। यह सब आप फिल्म जयता भाई में देख सकते है।

जयंता भाई को लेकर आप क्या सोचती है ?
यह एक अलग तरह की फिल्म है जयंता भाई । जयंता भाई वर्तमान के एक युवा जो लोगों से हफ्ता वसूली, अपहरण और नेताओं से उनकी सांठ-गांठ है। उसमें खास बात है कि वह गुंडा होने के बाद भी वह लोगों के सुख-दुख का साथी है। 

किस प्रकार का किरदार है?
सिमरन चुलबुली है लेकिन जयंता भाई के विचारों के विपरीत। सिमरन को जयंतभाई जैसा शख्स पसंद नहीं है फिर भी वह उसके प्यार में पड़ जाती है। इस तरह दो अलग मिजाज के लोगों के बीच कैसे प्यार होता है, इसी पर आधारित है यह फिल्म।

फिल्म को लेकर आप सोचती है?
मैं आशा करती हूं कि फिल्म सुपरहिट होगी। मुझे आशा है कि ‘जयताभाई ’ मेरे लिए बहुत सी अच्छी चीजें लाएगी, ताकि मैं अच्छी फिल्में पा सकूं और बेहतरीन निर्देशकों तथा महान अभिनेताओं के साथ काम कर सकूंगी। यही वह चीज है, जिसकी मैं कामना करती हूं। और मैं नही चाहती थी कि उन्हें बोल्ड अभिनेत्री कहा जाए।

फिल्म के दौरान विवेक से कैसी टयूनिगं रही ?
विवेक एक अच्छे अभिनेता है। फिल्म की शूटिंग के दौरान उनका काफी सहयोग मिला इलिए फिल्म अच्छी बनी है।

चर्चा थी कि फिल्म की शूटिंग के दौरान आप डारेक्टर विनिल से खफा थी ?
हां। फिल्म की शूटिंग के दौरान विनिल की कार्यशैली से ना खुश थी। ‘हुआ यूं कि शूटिंग के दौरान निर्देशक विनिल के निर्देशानुसार सभी आर्टिस्ट रोजाना सुबह छह बजे ही सेट पर पहुंच जाते थे। लेकिन मुझे सुबह उठने में खासी दिक्कत होती है इसलिए मैने सेट पर विनिल का नाम ‘हिटलर’ रख दिया था।मुझे लगता था कि वह किसी आर्मी कैंप में काम कर रही हैं जहां सब काम नियम-कायदे अनुसार ही हो रहा है! इस घटना से मुझे अपना बचपन इसलिए याद आया क्योंकि उस वक्त स्कूल के कारण उन्हें ऐसी ही भागादौड करनी पडती थी, जैसी फिल्म के सेट पर पहुंचने के लिए हो जाती थी।