पंजाबी बाग के लाजपत राय दशहरा स्टेडियम एवं क्रीड़ा स्थल बना अवैध पार्किंग,बच्चों को खेलने की जगह का टोटा


अशोक कुमार निर्भय 


दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के राजस्व को सरे आम वर्षों से अभी तक करोड़ों का चुना पंजाबी बाग स्थित लाला लाजपत राय दशहरा स्टेडियम एवं क्रीड़ा स्थल को निजी टूर ऑपरेटरों की बसों और लिंगया इंस्टिट्यूट की बसों ने अवैध पार्किंग बना कर कब्ज़ा कर लिया है। ऐसा बिलकुल नहीं है की इस अवैध बसों को पार्किंग में तब्दील करने की जानकारी यहाँ के राजौरी गार्डन पश्चिमी ज़ोन निगम उपायुक्त,स्थानीय पुलिस के डिवीज़न और बीट अफसरों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जोनल ट्रैफिक निरीक्षक यहाँ आँख बंद करके निकलते हैं क्योंकि ट्रैफिक ट्रेंनिंग पार्क ठीक इसीलाला लाजपत राय दशहरा स्टेडियम एवं क्रीड़ा स्थल के सामने है। 
अब बात करते हैं की यहाँ के निगम पार्षद की तो पहले बाहुबली निगम पार्षद अकाली नेता सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा थे अब उनकी धर्म पत्नी श्रीमती सतविंदर कौर सिरसा हैं उन्हें भी इस सारे खेल की जानकारी है किन्तु बस टूर ऑपरेटरों और निजी संस्थानों के मालिकों से उनके गहरे और अच्छे सम्बन्ध हैं इसी के चलते यहाँ कोई निगम अधिकारी फटकता तक नहीं है। कायदे से यहाँ खेल होने चाहिए किन्तु यहां खेलों की बजाय या तो शादियां होती हैं या फिर बसों की अवैध पार्किंग। निगम सूत्र से मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार यहाँ के लाइसेंसिंग और आर पी सैल के इन्पेक्टर,स्थानीय बीट अफसर,ट्रैफिक पुलिस के जेड ओ को एकमुश्त रकम इन बसों के मालिकों से हर महीने पहुंचती है। तभी सभी विभाग एक- दूसरे की जिम्मेदारी बता कर पल्ला झाड़ लेते हैं और पार्किंग बनी यह सरकारी भूमि पर बसें इसी प्रकार वर्षों से राजस्व को चुना लगा रही हैं। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम का सतर्कता विभाग सोया है जो निगम की राजस्व वाली कमाई अब काली कमाई में तब्दील होकर अफसरों की जेबों तक पहुँच रही है। गौरतलब है की पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी साहब और ट्रैफिक पुलिस के विशेष आयुक्त मुक्तेश चन्दर जी भी अवैध पार्किंगों पर नकेल कसने की बात कई बार कह चुके हैं,दिल्ली में अवैध पार्किंग की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही आए दिन क्राइम के नए-नए मामले भी सामने आ रहे हैं। लेकिन यहाँ की स्थानीय जिला ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय सर्किल ट्रैफिक निरीक्षक को आपने अफसरों की बात ना सुनायी देती है और ना ही यह सरकारी भूमि पर बनी अवैध पार्किंग दिखयी देती है। निगम सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इनमे से कई निजी टूर ऑपरेटर ऐसे हैं जिनका मोतीनगर मेन सड़क पर फुथपाथ और सर्विस रोड पर अवैध पार्किंग बना कर शत प्रतिशत कब्ज़ा है लेकिन पश्चिमी जिला ट्रैफिक पुलिस ने मानों इन अवैध पार्किंगों पर कुछ कार्रवाई नहीं करने की कसम खा रखी है। गौरतलब है कि ट्रैफिक स्पेशल कमिश्नर मुक्तेेश चंदर ने कई बार कहा कि लोग पार्किंग में किसी भी गड़बड़ी की शिकायत तुरंत करें। ट्रैफिक पुलिस ने अपना व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है। 

ये नंबर है 99-1064-1064 इस नंबर पर शिकायत, अवैध पार्किंग की तस्वीरें और वीडियो भी भेजा जा सकता है। अवैध पार्किंग की समस्या का मुद्दा काफी बढ़ रहा है। पार्किंग एरिया में लोगों की हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं। लेकिन खुद उनके सर्किल ट्रैफिक निरीक्षक उनके आदेशों की धज्जियां उड़कर सरकारी भूमि पर पार्किंग बना खड़ी गाड़ियों को जब्त नहीं कर रहे ताकि जुर्माना वसूल कर राजस्व बढ़ाया जा सके।