बिहार शताब्दी समारोह का आयोजन द्वारका में २२ को

अनुराग रंजन सिंह    बढ़ता बिहार…बदलता बिहार… सांस्कृतिक और आंचलिक लोकाचार को अपने परिवेश में समेटे बिहार का गौरवमयी परिचय कई दशकों की यात्रा तय कर आज़ अपने नए …

सूर्य के बेटे अंधेरों का समर्थन कर रहे हैं – नीरज

अशोक कुमार निर्भय ‘ अब तो मजहब कोई ऐसा भी चलाया जाये , जिसमे इंसान को इंसान बनाया जाए’. यह गीत सुप्रसिद्ध गीतकार गोपालदास ‘नीरज ‘ ने हिंदी अकादमी …

पुस्तक समीक्षा: आजीवन निरोग रहने की कला

एस. एस. डोगरा   ‘पहला सुख निरोगी काया‘ तथा ‘स्वास्थ्य ही धन है।‘ ये दो पुरानी कहावतें दुनिया भर में प्रचलित हैं। अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करने और बनाए रखने के …