14वें संगीत सम्मेलन सामापा में बिखरीं सगीत की स्वर लहरियां


भारत के सुप्रसिद्ध संतूर वादक पद्मश्री पंडित भजन सोपोरी द्वारा भारतीय संगीत के विश्व में उन्नयन हेतु स्थापित सोपोरी ऐकेडमी ऑफ म्यूजिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट द्वारा नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सैंटर और कमानी सभागार में पंडित भजन सोपोरी की अध्यक्षता में आयोजित पाँच दिवसीय 14वां संगीत सम्मेलन में ख्याति प्राप्त और नवोदित प्रतिभावान संगीतकारों ने अपनी स्वर लहरियों से राजधानी दिल्ली की फिजा में खुशबू बिखेर दी।

सामापा के उद्घाटन समारोह में पंडित भजन सोपोरी, दि आर्ट ऑफ गिविंग फॉउंडेशन ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिक्षाविद् दयानंद वत्स, संगीत भारती के महामंत्री श्री अमीर चंद, प्रसिद्ध बाँसुरी वादक श्री चेतन जोशी और प्रसिद्ध संगीतज्ञ पं. विजय शंकर मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर संगीत सम्मेलन का शुभारंभ किया। पाँच दिन चले भारतीय संगीत के अनूठे सम्मेलन के बारे अपने संबोधन में भारतीय संगीत के प्रचार-प्रसार में जुटे संगीत प्रेमी शिक्षाविद् दयानंद वत्स ने कहा कि सामापा भारतीय संगीत के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो रहा है। देश और विदेश में भारतीय संगीत और संगीतकारों का मान-सम्मान बढा है। पंडित भजन सोपोरी के सुपुत्र श्री अभय रुस्तम सोपोरी जो संतूर वादन के क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान बना चुके हैं, ने सामापा के आयोजन में अपनी महती भूमिका निभाई है। हजारों की संख्या में उपस्थित संगीत प्रेमियों और संगीत साधकों ने पाँच दिन सामापा का आनंद उठाया।