ब्रिक्स में बजा भारत का डंका

डॉ. वेदप्रताप वैदिक पांच देशों के संगठन ‘ब्रिक्स’ की अध्यक्षता इस साल भारत कर रहा है। भारत, ब्राजील, रुस, चीन और दक्षिण अफ्रीका– इन पांच देशों के इस संगठन …

किसे राजद्रोह कहें और किसे नहीं ?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक राजद्रोह से अधिक गंभीर अपराध क्या हो सकता है, खास तौर से जब किसी देश में किसी राजा का नहीं, जनता का शासन हो। लोकतंत्र में …

हिंदी पत्रकारिता का इतिहास गौरवपूर्ण : राहुल देव

हिंदी पत्रकारिता दिवस के शुभ अवसर पर कोरोनाकाल में शहीद हुए दिवंगत पत्रकारों को समर्पित एक ऑनलाइन कार्यक्रम उत्कर्ष की बात प्रस्तुत कोरोना के बाद की पत्रकारिता का आयोजन …

बनिए कर्मयोगी, जिंदगी मुस्कुराएगी

बनिए कर्मयोगी, जिंदगी मुस्कुराएगी. जीवन महान संभावनाओं से भरा है इसे यूं न गवाएं. -प्रो. संजय द्विवेदी       कर्म की महत्ता अनंत है। हमारी परंपरा इसे ‘कर्मयोग’ कहकर संबोधित करती है। …

30 मई हिंदी पत्रकारिता दिवस पर कोविड सेपत्रकारों की सुरक्षा और डॉक्टर केके अग्रवाल को श्रद्धांजलि

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर 30 मई को रामजानकी संस्थान , आरजेएस द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार में  कोविड काल में पत्रकारों की स्वास्थ्य सुरक्षा और जनता के डॉक्टर डा.के के …

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर बधाई

डॉ. वेदप्रताप वैदिक 30 मई को भारत में हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। इसी दिन कोलकाता से 1826 में याने 195 साल पहले हिंदी का पहला समाचार-पत्र ‘उदंत …

कोरोना आपदा में संक्रमण काल के दौर से गुजर रही है हिंदी पत्रकारिताः दयानंद वत्स

अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ और नेशनल मीडिया नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में आज उत्तर पश्चिम दिल्ली स्थित संघ के मुख्यालय बरवाला में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर …

कोरोनाः भारत की बदनामी ?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक ‘न्यूयार्क टाइम्स’ ऐसी बेसिर-पैर की खबर छाप सकता है, इसका विश्वास मुझे नहीं होता। उसमें 12 विशेषज्ञों के हवाले से यह छापा है कि भारत में …

ए.आई. रहमान और जोशी

डॉ. वेदप्रताप वैदिक इस हफ्ते मैंने अपने दो मित्र खो दिए। एक तो पाकिस्तान के श्री आई.ए. रहमान और दूसरे इंदौर के श्री महेश जोशी ! ये दोनों अपने …

स्वास्तिकः हमारा या हिटलर का ?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक अमेरिका के मेरीलेंड नामक प्रांत की विधानसभा में एक ऐसा विधेयक लाया गया है, जो भारतीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत पैदा कर सकता है। वह …

नववर्ष व रमजान में कोविड-19 पर चर्चा, जलियांवाला बाग के शहीदों व डा.अंबेडकर को आरजेएस राष्ट्रीय वेबीनार में श्रद्धांजलि

राष्ट्र प्रथम भारत एक परिवार को लेकर राम जानकी संस्थान आरजेएस ने  भारतीय नव वर्ष 13 अप्रैल के अवसर पर  डा.अंबेडकर के साथ-साथ जलियांवाला बाग नरसंहार में मृत नागरिकों …