एक आदर्श महिला – रमाबाई अम्बेडकर!

7 फ़रवरी करोड़ों देशवासियों ने, खास तौर पे करोड़ों बहुजन समाज के भाईओं और बहनों ने माता रमाबाई आंबेडकर , देश के उच्कोटि के विधिवेत्ता, अर्थ शास्त्री, राजनीतिज्ञ और महान समाज सुधारक नेता और …

रूस में पुतिन की मुसीबत

डॉ. वेदप्रताप वैदिक क्या कभी कोई कल्पना कर सकता था कि मास्को से व्लादिवस्तोक तक दर्जनों शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आएंगे और ‘पुतिन तुम हत्यारे हो’, …

किसानों की आवाज बुलंद करते रहेंगे, इसके लिए हजार बार संसद का निलंबन स्वीकार है;-डाॅ सुशील गुप्ता सांसद, आम आदमी पार्टी

देश किस लोकतंत्र की तरफ जा रहा है, जहां बोलने की आजादी नहीं दी जा रही। वहीं संसद मंे अगर कोई ज्वलंत मुददे पर बात करना चाहता है तो …

म्यांमार में तख्ता—पलट

डॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत के पड़ौसी देश म्यांमार (बर्मा या ब्रह्मदेश) में आज सुबह-सुबह तख्ता-पलट हो गया। उसके राष्ट्रपति बिन मिन्त और सर्वोच्च नेता श्रीमती आंग सान सू की …

बजट अच्छा है लेकिन क्रांतिकारी नहीं

डॉ. वेदप्रताप वैदिक जैसा मैंने परसों लिखा था कि देश का वह बजट आदर्श बजट होगा, जो देश के सभी 140 करोड़ लोगों के लिए रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा …

मानवीय रिश्तों पर आधारित शार्ट फिल्म “इन्सान के रूप” खूब वायरल हो रही है

(फिल्म समीक्षा: एस.एस.डोगरा) वर्ष 2020 दौरान जब पूरा विश्व करोना महामारी से ग्रस्त लॉकडाउन में भयानक स्थिति से गुजर रहा था और हर व्यक्ति घरों में कैद होकर अकेले-निराशाभरा …

अंग्रेजीः लोकतंत्र बना जादू-टोना

डॉ. वेदप्रताप वैदिक स्वतंत्र भारत को अंग्रेजी ने कैसे अपना गुलाम बना रखा है, इसका पता मुझे आज इंदौर में चला। इंदौर के प्रमुख अखबारों के मुखपृष्ठों पर आज …