प्रधानमंत्री ने युवाओं से जीवन सार्थक करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत को भव्यता और दिव्यता दोनों लक्ष्यों को हासिल करना होगा। पूरा विश्व भारत से दिव्यता चाहता है जबकि भारत का गरीब आदमी भव्यता चाहता है। युवाओं पर ये दोनों जिम्मेदारी पूरी करने का उत्तरदायित्व है। उनको ये दोनों लक्ष्य हासिल करके अपना जीवन सार्थक करना चाहिए। सफल जीवन से सार्थक जीवन ज्यादा महत्वपूर्ण है।
उल्लेखनीय है कि विवेकानन्द केंद्र, स्वामी विवेकानन्द के सिद्धान्तों को प्रसारित करने के उद्देश्य से स्थापित एक हिन्दू आध्यात्मिक संस्था है। महान विचारक स्वामी विवेकानंद को आदर्श मानकर उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लेकर सन 1972 मे माननीय एकनाथ रानाडे ने इसकी स्थापना की। विवेकानन्द केंद्र मानता है कि ईश्वर प्रत्येक मनुष्य मे है और उसे जगाकर देश निर्माण मे उपयोग किया जा सकता है।














