राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संयुक्त तत्वावधान और संस्थापक उदय कुमार मन्ना के संचालन में 25 दिसंबर को क्रिसमस के अवसर पर प्रभु ईसा मसीह, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई व मदन मोहन मालवीय की जयंती पर धार्मिक परंपरा, राष्ट्रीय स्मरण और सामाजिक-आर्थिक समालोचना का कार्यक्रम 509वें वेबिनार के रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के सह-आयोजक और अवेक !अराइज !शाइन ! मिशन’ के संस्थापक ब्रदर (डा.)दिनेश अलबर्टसन ने “ईसा के अवतार” का विवरण देते हुए इतिहास को समझाया कि “इमैनुएल” नाम का अर्थ है “ईश्वर हमारे साथ है”—जो एक सार्वभौमिक आशा का प्रतिनिधित्व करता है।उन्होंने धर्मग्रंथों से सामाजिक जिम्मेदारी की ओर रुख किया और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों से जोड़ा। ब्रदर (डा.)अलबर्टसन ने तर्क दिया कि आध्यात्मिक विश्वास तब तक निरर्थक है जब तक कि स्वच्छ जल, स्वच्छता और शून्य भूख जैसे व्यावहारिक लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया जाता।
करुणा के इस आह्वान को मुख्य अतिथि, ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हार्मनी एंड पीस स्टडीज’ के निदेशक फादर डॉ. एम.डी. थॉमस ने और अधिक सशक्त बनाया। उन्होंने कहा कि परमात्मा का मार्ग केवल साथी मनुष्यों की सेवा के माध्यम से ही पाया जा सकता है और “कमजोरों की सेवा ही प्रार्थना का सबसे सच्चा रूप है।सत्र के अध्यक्ष और दिल्ली के क्राइस्ट मेथोडिस्ट चर्च, नजफगढ़ के पादरी रेवरेंड एरिक संजय ब्राउन ने “अहंकार के अध्यारोपण” को वैश्विक शांति में प्राथमिक बाधा बताया।उन्होंने कहा, “सद्भाव प्राप्त करने के लिए, व्यक्ति को स्वयं के अहंकार को कम करना चाहिए ताकि दूसरों का कल्याण बढ़ सके। उन्होंने “धार्मिक कानून , ईश्वर से प्रेम करना और अपने पड़ोसी को अपने समान प्रेम” करने पर बल दिया।बहाई समुदाय के प्रमुख सदस्य डॉ. ए.के. मर्चेंट ने ” मानवता” के दृष्टिकोण की वकालत की ताकि उन क्षेत्रीय और संपत्ति विवादों को सुलझाया जा सके जो आधुनिक युद्धों को जन्म देते हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ वैश्विक जीडीपी 115 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गई है, वहीं मानवता का 80 प्रतिशत हिस्सा अभी भी एक शांतिपूर्ण जीवन से वंचित है और स्वच्छ जल और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है जो आध्यात्मिक शून्यता की स्थिति है।
27 दिसंबर 2025 को सायं 5 बजे प्रकाश पर्व व वीर बाल दिवस पर आयोजित आरजेएस पीबीएस कार्यक्रम के सह-आयोजक नायरा, राजगढ़ मध्य प्रदेश निवासी और पंचायत सचिव जगदीश चन्द्र मालवीय ने और 2 जनवरी 2026 को सायं 5 बजे 44 दिवसीय प्रयागराज माघ मेला अमृत स्नान के उद्घाटन वेबिनार के सह-आयोजक साधक ओमप्रकाश ने सभी को आमंत्रित किया। कार्यक्रम में कबीर भजन गायक दयाराम सारोलिया, राजेन्द्र सिंह कुशवाहा,कवयित्री रति चौबे,डा.कविता परिहार, आकांक्षा ,एडवोकेट सुदीप साहू, डीपी सिंह कुशवाहा,प्रदीप सारोलिया, पूजा नवरंग,बिंदा मन्ना ,राजकुमारी सोलंकी, मयंकराज,भावना सारोलिया,प्रेम प्रभा झा, रेखा सारोलिया और विजय धवन आदि जुड़े और कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के सह-आयोजक
ब्रदर दिनेश एलबर्टसन और टीआरडी 2026 की सदस्या पेबेम शकुंतला देवी ने पारिवारिक मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए वक्ताओं की श्रृंखला का समापन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि घर के भीतर प्यार और स्नेह ही वह आधार है जिस पर एक सकारात्मक और एकजुट भारत का निर्माण होना चाहिए।सेमिनार का समापन भविष्य के एक स्पष्ट रोडमैप के साथ हुआ। आयोजक उदय कुमार मन्ना ने घोषणा की कि नये साल की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर को इंडिया हैबिटेट सेंटर ,नई दिल्ली में मीडिया गुरु प्रोफेसर डॉ के जी सुरेश के सानिध्य में आयोजित मीडिया साक्षरता कार्यशाला के लिए आरजेएस पीबीएच के टीआरडी26 सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। इस दौरान “रियल सक्सेस स्टोरीज” नामक एक नया कार्यक्रम और दिसंबर का मंथली न्यूजलेटर लॉन्च होगा। वहीं उन्होंने घोषणा की कि आरजेएस पीबीएच 77वां गणतंत्र दिवस अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव पराक्रम दिवस 23 जनवरी 2026 को दिल्ली में साढ़े ग्यारह बजे से आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित करेगा।





