भारतीय योग संस्थान ने मनाया 48वां स्थापना दिवस

भारतीय योग संस्थान द्वारा अपने 48वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में डिस्ट्रिक पार्क, रोहिणी में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान साधक-साधिकाओं ने आसन, प्राणायाम, ध्यान का प्रदर्शनकिया। इस अवसर पर नेता विपक्ष, दिल्ली विधानसभा श्री विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि योग का महत्त्व स्वयंसिद्ध है। इसका स्वरूप सरल, व्यावहारिक एवं कल्याणकारी है। योग की महत्ता को देखते हुए ही माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रमोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने21जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया है। क्षेत्रीय निगम पार्षद डॉ.शोभा विजेंद्र ने भारतीय योग संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान योग के क्षेत्र में अनुपम कार्य कर रहा है।

खेल परिसर रोहिणी केंद्र के प्रमुख श्री अशोक पुरी ने आरोग्य जीवन के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखना योग से ही संभव है। योग से शरीर, मन, बुद्वि और आत्मा पवित्र बनती है। उचित खान-पान, नियमितदिनचर्या, सकारात्मक सोच और भारतीय जीवन पद्धति को अपनाकर लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। क्षेत्रीय महिला प्रधान श्रीमती इंदु अरोरा ने कहा कि योग जीवन जीने की कला है। इसके निरंतर अभ्यास से शक्ति,सामर्थ्य एवं कार्य क्षमता में वृद्धि होती है। योग से ईर्ष्या-द्वेष का नाश होकर निष्काम सेवा का भाव उत्पन्न होता है।
प्रवक्ता श्री राजकुमार जैन ने बताया कि योग हमारी संस्कृति है। योग से धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष की प्राप्ति संभव है। भारतीय योग संस्थान गत 48वर्षों से निःशुल्क रूप से देश व विदेशों में करीब 2200 से भी अधिक केंद्रों मेंप्रतिदिन हजारों लोगों को योग क्रियाएं करवाता है, ताकि प्रत्येक मानव शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहे।

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